कबीर सिंह फ़िल्म जब से आई है तबसे चर्चा और विवादों में है। इस फ़िल्म पर एक टिप्पणी लेखक, कोच।…
मुड़ मुड़ के क्या देखते रहे मनोहर श्याम जोशी?
आमतौर पर ‘जानकी पुल’ पर अपनी किताबों के बारे में मैं कुछ नहीं लगाता लेकिन पंकज कौरव जी ने ‘पालतू…
जीवन जिसमें राग भी है और विराग भी, हर्ष और विषाद भी, आरोह और अवरोह भी
अनुकृति उपाध्याय के कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ को जिसने भी पढ़ा उसी ने उसको अलग पाया, उनकी कहानियों में एक…
यतीश कुमार की कविताएँ
आज यतीश कुमार की कविताएँ। वे मूलतः कवि नहीं हैं लेकिन उनकी इन संकोची कविताओं में एक काव्यात्मक बेचैनी है…
किन्नौर- स्पीति घाटी : एक यात्रा-संस्मरण
कमलेश पाण्डेय वैसे व्यंग्यकार हैं लेकिन यात्रा इनका जुनून है। इनका यह यात्रा संस्मरण पढ़िए- मॉडरेटर ===================================================== पहाड़ आमतौर पर…
ब्लू व्हेल’ गेम से भी ज़्यादा खतरनाक है ‘नकारात्मकता’ का खेल
संवेदनशील युवा लेखिका अंकिता जैन की यह बहसतलब टिप्पणी पढ़िए- मॉडरेटर ========================================== हम बढ़ती गर्मी, पिघलती बर्फ़ और बिगड़ते मानसून…
हे मल्लिके! तुमने मेरे भीतर की स्त्री के विभिन्न रंगो को और गहन कर दिया
अभी हाल में ही प्रकाशित उपन्यास ‘चिड़िया उड़’ की लेखिका पूनम दुबे के यात्रा संस्मरण हम लोग पढ़ते रहे हैं।…
प्रेम और कुमाऊँनी समाज के प्रेम का उपन्यास ‘कसप’
साहित्यिक कृतियों पर जब ऐसे लोग लिखते हैं जिनकी पृष्ठभूमि अलग होती है तो उस कृति की व्याप्ति का…
रानी एही चौतरा पर
लेखक राकेश तिवारी का यात्रा वृत्तांत ‘पवन ऐसा डोले’ रश्मि प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत है उसी का एक…
सुजाता के उपन्यास के ‘एक बटा दो’ का अंश-इन जॉयफुल हॉप ऑफ रेजरेक्शन
युवा लेखिका सुजाता का उपन्यास ‘एक बटा दो’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। स्त्री जीवन को लेकर लिखा गया…



