भूले कवि जानकीवल्लभ शास्त्री की कुछ बिसरी कविताएँ

आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री मुजफ्फरपुर के ऐसे क्लासिक हैं जिनके बारे में बात तो सब करते हैं लेकिन पढ़ता कोई नहीं…

वादे जुलूस नारे फिर-फिर वही नज़ारे

बिहार विधानसभा चुनावों के समय यह लिखा था. अब यूपी चुनावों के समय  इस पोस्ट की याद आ गई- प्रभातबिहार…

गोपाल सिंह नेपाली की कुछ भूली-बिसरी कविताएँ

 अगला साल हिंदी के उपेक्षित कवि गोपाल सिंह नेपाली की जन्मशताब्दी का साल है. इसको ध्यान में रखते हुए उनकी…

गोपाल सिंह नेपाली की कुछ भूली-बिसरी कविताएँ

 अगला साल हिंदी के उपेक्षित कवि गोपाल सिंह नेपाली की जन्मशताब्दी का साल है. इसको ध्यान में रखते हुए उनकी…

य्योसा, योसा, ल्योसा, लोसा सब उसके ही नाम हैं.

आज मुझे अंग्रेजी कवि आगा शाहिद अली की पंक्तियाँ याद आ रही हैं. उसका सीधे-सीधे अनुवाद न सही भावानुवाद प्रस्तुत…

‘नोबेल’ लेखक मारियो वर्गास ल्योसा

मार्केज़ ने अपनी एक बातचीत में कहा है कि क्यूबा की साम्यवादी क्रांति के बाद संसार की नज़र लैटिन अमेरिकी…

शायरों-अदीबों की गली बल्लीमारान

बरसों पहले गुलज़ार ने एक टीवी धारावाहिक बनाया था ‘ग़ालिब’. उसके शीर्षक गीत में उन्होंने चूड़ीवालान से तुक मिलाते हुए…

शायरों-अदीबों की गली बल्लीमारान

बरसों पहले गुलज़ार ने एक टीवी धारावाहिक बनाया था ‘ग़ालिब’. उसके शीर्षक गीत में उन्होंने चूड़ीवालान से तुक मिलाते हुए…

सरयू में काँप रही थी अयोध्या की परछाईं

अरुण देव की इस कविता में इतिहास के छूटे हुए सफों का ज़िक्र  है, उनमें  भूले हुए प्रसंग अक्सर पुराने…

अज्ञेय की पांच दुर्लभ किताबों का पुनर्प्रकाशन

अज्ञेय  की जन्मशताब्दी को ध्यान में रखकर उनका मूल्यांकन-पुनर्मूल्यांकन ज़ारी है. सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन ने उनकी पांच दुर्लभ किताबों…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी