स्थानीय भाषाओं का अस्मिताबोध और हिंदी

कल हिंदी दिवस है. आह हिंदी वाह हिंदी के बीच एक लेख भाषा-बोली के अंतर्संबंध पर वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार उमेश…

युवा शायर #21 सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 हमीं वफ़ाओं से रहते…

‘छबीला रंगबाज का शहर’ की एक कहानी: एक अंश

‘छबीला रंगबाज का शहर’ नाम ने मुझे बहुत आकर्षित किया. आज के दौर में जिस तरह से छोटी छोटी कहानियां…

बाढ़ से पहले की कहानी बाढ़ के बाद की कहानी

आजकल हिंदी में बेस्टसेलर की चर्चा के बीच अपमार्केट हिंदी लेखकों की धूम मची हुई. इसका मतलब यह नहीं है…

सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘जनेऊ’

  सुशील कुमार भारद्वाज ने अपने लेखन से इधर ध्यान खींचा है. उनकी इस कहानी ने मेरा भी ध्यान खींचा.…

युवा शायर #20 शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 उदासी ने समां बांधा हुआ…

आचार्य मृत्यु है। आचार्य वरुण है।

आज शिक्षक दिवस है. इस अवसर पर युवा लेखक विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ======================================== आचार्य मृत्यु है ।     …

प्रियंका वाघेला की कुछ नई कविताएँ

प्रियंका वाघेला, चित्रकार व लेखिका हैं, वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से ग्राफिक्स में एम.एफ़ ए. स्नतकोत्तर हैं तथा…

फांकी युग है और सब फांकीबाज़ हैं!

बहुत दिनों बाद प्रवीण झा अपने व्यंग्यावतार में प्रकट हुए हैं. इस बार एक नए युग की घोषणा कर रहे…

पाठ और पुनर्पाठ के बीच दो उपन्यास

आजकल सबसे अधिक हिंदी में समीक्षा विधा का ह्रास हुआ है. प्रशंसात्मक हों या आलोचनात्मक आजकल अच्छी किताबें अच्छे पाठ…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी