प्रेमचंद पर महादेवी वर्मा का लेख

ऐसा कुछ नहीं है कि जिसके संबंध में प्रेमचंद का निश्चित मत नहीं है. दर्शन, साहित्य, जीवन, राष्ट्र, सांप्रदायिक एकता,…

अरुंधति रॉय की नजर में भारत का आइडिया!

जगरनॉट प्रकाशन की एक किताब पढने को मिली, अरुंधति रॉय और जॉन क्यूजैक के बीच बातचीत की: बातें जो कही…

आशुतोष भारद्वाज के उपन्यास का अंश ‘प्रूफरीडर के नाम खत’

इन्डियन एक्सप्रेस के पत्रकार आशुतोष भारद्वाज को बस्तर पर अपनी रपटों के लिए याद किया जाता है. उनको चार बार प्रतिष्ठित…

स्मिता पारिख की कुछ नज्में, कुछ कविताएँ

आकाशवाणी में उद्घोषिका , अभिनेत्री, और ई-बिज़ एंटरटेनमेंट की मुख्य प्रबंधक स्मिता पारिख ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा मध्य-प्रदेश के इंदौर…

‘कौन दिसा में लेके चला रे…’

पिछले दिनों इंडियन आइडोल में एक सरदार प्रतिभागी को गाते देख मुझे हिन्दी फ़िल्मों के उस भुला दिए गये सरदार…

‘अनारकली’ के किरदार से मुझे रानी बेगम की याद आती है!

‘अनारकली ऑफ़ आरा’ में अनारकली को देखते हुए मुझे बार-बार अपने मुजफ्फरपुर की रानी बेगम की याद आती है. रानी…

चीनी फिल्म ‘रेज द रेड लैंटर्न’ और स्त्रीत्व से जुड़े सवाल

चीनी फिल्म ‘रेज द रेड लैंटर्न’ पर सुश्री श्री श्री का बहुत अच्छा लेख. 1991 की यह फिल्म चीनी समाज की…

सुषम बेदी के उपन्यास ‘पानी केरा बुदबुदा’ का अंश

हिंदी के डायस्पोरा लेखकों में सुषम बेदी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलंबिया में…

हृदय दुनिया की सबसे कठोर वस्तु भी हो सकता है

यूँ तो हिंदी में ‘बनारस’ पर कई कविताएँ लिखी जा चुकी हैं। फिर भी, हर नया कवि उस शहर की…

अथ ‘ब्रह्मोद्य’ प्रश्नोत्तरी उपाख्यान: मृणाल पाण्डे की कथा श्रृंखला का उपसंहार                                         

जानी-मानी लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा श्रृंखला हम पढ़ रहे थे. संस्कृत कथाओं की याद दिलाती हुई इस कथा में…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी