केदारनाथ सिंह की कविता ‘दुपहरिया’

आज सुबह चढ़ते चैत के महीने पर वरिष्ठ लेखक राकेश कुमार सिंह की पोस्ट लगाईं थी. लेकिन चैत के महीने…

हिंदी सिनेमा का शुरूआती ज़माना और बाइयों का फ़साना

आज यतीन्द्र मिश्र का जन्मदिन है. मुझे 15-16 साल पहले का वह दौर याद आ रहा है जब यतीन्द्र की…

यह जवान हो चुके चैत का मौसम है!

वरिष्ठ लेखक राकेश कुमार सिंह का लेखन किसी परिचय का मोहताज नहीं है. एक ज़माने में उनका उपन्यास आया था…

ट्विंकल खन्ना की पुस्तक ‘लक्ष्मी प्रसाद की अमर दास्तान’ का एक अंश

पूर्व अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना की किताब ‘द लिजेंड ऑफ़ लक्ष्मी प्रसाद’ जब अंग्रेजी में आई थी तो खूब चर्चा हुई…

‘अनारकली ऑफ़ आरा’ के निर्देशक के नाम शाजापुर के एक दर्शक का पत्र

अविनाश दास द्वारा लिखित-निर्देशित फिल्म ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ को जिस तरह से दर्शकों का प्यार मिला है वह असाधारण है.…

गोपेश्वर सिंह का लेख ‘भोजपुरी के पहिलका सोप आपेरा लोहा सिंह

आज अन्तरराष्ट्रीय रंगमंच दिवस पर रामेश्वर सिंह काश्यप के नाटक ‘लोहा सिंह’ की याद आई. लोहा सिंह के लहजे की…

मोहन राकेश का निबंध ‘नाटककार और रंगमंच’

आज अंतरराष्ट्रीय रंगमंच दिवस है. इस अवसर पर आज मोहन राकेश का यह प्रसिद्ध लेख जिसमें उन्होंने नाटककार के नजरिये…

मंजरी श्रीवास्तव की कविता ‘सुनो मीर साहब’

मंजरी श्रीवास्तव कम कविताएँ लिखती हैं लेकिन जब लिखती हैं तो बार बार पढने को जी चाहता है. यह एक…

महादेवी वर्मा की एक क्यूट कहानी ‘नीलू कुत्ता’

एक बार पेरू देश के लेखक कार्लोस एरिगोवन ने मुझे यह कहकर चौंका दिया था कि महादेवी वर्मा का लेखन…

हैव अ हैल्दी डाइट एन्ड हैप्पी लाइफ़!

बारहवीं कक्षा में पढने वाली जूही ने भारत में खानपान के बदलते अंदाज पर यह लेख लिखा है. अच्छा है.…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी