होली पर स्पेशल चिट्ठी नॉर्वे से डॉ. व्यंग्यकार प्रवीण कुमार झा की आई है. भगवा के फगवा की चर्चा वहां…
हम से नज़र मिलाइए होली का रोज़ है / तीर-ए-नज़र चलाइए होली का रोज़ है
जो लोग उर्दू-हिंदी लिटरेचर से तआल्लुक़ रखते हैं, उनके ज़ेहन में होली के ख़याल के साथ नज़ीर अकबराबादी की नज़्म…
होली सिर्फ हिन्दुओं का नहीं हिन्दुस्तान का पर्व है- अब्दुल बिस्मिल्लाह
होली का पर्व अलग अलग रंगों के एक हो जाने का पर्व है. इसे पहले धर्म से जोर कर नहीं…
प्रशांत किशोर “लीजेंड” बनते बनते रह गए या बन ही गए?
कल से कांग्रेस की शर्मनाक हार और रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर स्टेटस लिखे जा रहे हैं, चुटकुले बनाए जा…
‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ और होली का त्यौहार
पिछले दिनों वाणी प्रकाशन से एक किताब आई ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’. नीलिमा चौहान की इस किताब ने जैसे हिंदी…
फणीश्वरनाथ रेणु की कविता ‘साजन! होली आई है!’
यूपी चुनाव में जनता ने ऐसी होली खेली है कि किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है. होली…
चुनाव के बाद इवीएम मशीनों के ऊपर सवाल क्यों उठते हैं?
आज यूपी विधानसभा चुनावों के बाद मायावती ने इवीएम मशीनों के ऊपर सवाल उठाया है. इवीएम मशीनों के ऊपर पहली…
देशभक्ति सबसे बड़ी भक्ति होती जा रही है!
बंद कमरों की सुविधा से बाहर निकलने पर बार-बार इस बात का अनुभव होता है कि हवाओं में देशभक्ति का…
फागुन में यतीन्द्र मिश्र की कविता ‘फाग बंधाओ’
यतीन्द्र मिश्र इन दिनों ‘लता सुरगाथा’ पुस्तक लिखने के बाद अपने लेखन का बसंत जी रहे हैं. लेकिन वे मूलतः…
धर्मवीर हमारे दौर में कबीर की तरह जिए
धर्मवीर नहीं रहे. सन 2000 के आसपास उनकी पुस्तक ‘कबीर के आलोचक’ ने हिंदी आलोचना को सर के बल खड़ा…



