Skip to content
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

दूरदर्शन की नई पहल है ‘दृश्यांतर’

October 16, 20131 mins113
दूरदर्शन की नई पहल है ‘दृश्यांतर’. ‘मीडिया, साहित्य,संस्कृति और विचार’ पर एकाग्र इस पत्रिका का प्रवेशांक आया…
  • ब्लॉग
continue Reading..

फेसबुक पर फेस को नहीं, बुक को प्राथमिकता मिलनी चाहिए

October 12, 20131 mins10
वरिष्ठ लेखक-पत्रकार राजकिशोर वाद-विवाद बनाए रहते हैं. अब आभासी दुनिया को लेकर लिखा गया उनका यह लेख…
    continue Reading..

    पुरुष थमाते है स्त्री के दोनों हाथों में अठारह तरह के दुःख

    October 12, 20131 mins0
    दुर्गा के बहाने कुछ कविताएँ लिखी हैं युवा कवयित्री विपिन चौधरी ने. एक अलग भावबोध, समकालीन दृष्टि…
      prabhatcontinue Reading..

      पुरुष थमाते है स्त्री के दोनों हाथों में अठारह तरह के दुःख

      October 12, 20131 mins0
      दुर्गा के बहाने कुछ कविताएँ लिखी हैं युवा कवयित्री विपिन चौधरी ने. एक अलग भावबोध, समकालीन दृष्टि…
        prabhatcontinue Reading..

        पुरुष थमाते है स्त्री के दोनों हाथों में अठारह तरह के दुःख

        October 12, 20131 mins12
        दुर्गा के बहाने कुछ कविताएँ लिखी हैं युवा कवयित्री विपिन चौधरी ने. एक अलग भावबोध, समकालीन दृष्टि…
        • ब्लॉग
        continue Reading..

        सचमुच आराम से चली गयी माँ

        October 11, 20133 mins13
        शिवमूर्ति हमारे समय के बेहतरीन गद्यकार हैं. उनके गद्य में जीवन को महसूस किया जा सकता है,…
          continue Reading..

          भारतीय भाषाओं का ‘समन्वय’

          October 10, 20131 mins4
          ‘समन्वय’ के पुराने आयोजन का एक सत्र  इण्डिया हैबिटेट सेंटर के वार्षिक साहित्यिक आयोजन ‘समन्वय’ का आयोजन…
            continue Reading..

            एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिए

            October 9, 20132 mins0
            संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा…
              prabhatcontinue Reading..

              एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिए

              October 9, 20132 mins0
              संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा…
                prabhatcontinue Reading..

                एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिए

                October 9, 20132 mins5
                संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा…
                • ब्लॉग
                continue Reading..
                • 1
                • …
                • 317
                • 318
                • 319
                • 320
                • 321
                • …
                • 430

                Recent Posts

                • डिम्पल राठौड़ की कुछ कविताएँ
                • दुर्योधन के विषय में पुस्तक क्यों?
                • जेरी पिंटो का उपन्यास और मानसिक स्वास्थ्य
                •  आलोचना और बेबाकपन का रिश्ता
                • आशा भोसले के बारे में रूना लैला की टिप्पणी

                Recent Comments

                1. Partha Choudhury on कसप उपन्यास की बेबी उर्फ़ मैत्रेयी मिश्रा
                2. Sarita Singh on आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ की पाँच कविताएँ
                3. Swati Yadav on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                4. Amisha Aneja on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                5. sheodayal on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
                जानकी पुल – A Bridge of World Literature

                जानकी पुल - A Bridge of World Literature

                Facebook Instagram Whatsapp
                जानकी पुल - A Bridge of World Literature 2026. Designed by www.rktechwebsitedesign.com