कबीरा कुँआ एक पानी भरे अनेक!April 21, 20121 mins63मोहन राणा हिंदी के आप्रवासी कवि हैं, लेकिन उनकी कविताओं में भारत आकुलता की कोई व्यग्रता नहीं… continue Reading..
उन्होंने कुछ बताया और कुछ बनायाApril 20, 20121 mins2हाल में ही डॉ. दिनेश्वर प्रसाद का निधन हो गया. यह नाम हो सकता है हिंदी की… continue Reading..
मीडियॉकर लोग साहित्य में हावी होते जा रहे हैंApril 19, 20121 mins0मुंबई के सुदूर उपनगर में आने वाला नायगांव थोडा-बहुत चर्चा में इसलिए रहता है है कि वहां… prabhatcontinue Reading..
मीडियॉकर लोग साहित्य में हावी होते जा रहे हैंApril 19, 20121 mins15मुंबई के सुदूर उपनगर में आने वाला नायगांव थोडा-बहुत चर्चा में इसलिए रहता है है कि वहां…ब्लॉग continue Reading..
साहित्य को श्रद्धा नहीं उसमें निहित सामाजिक प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण बनाती हैApril 18, 20121 mins11दिनेश्वर प्रसाद का निधन हो गया. वे हिंदी के एक प्राध्यापक थे, लेकिन मठाधीश नहीं. साहित्यसेवी थे.… continue Reading..
मैं अज्ञेय जी से अभिभूत नहीं हूंApril 17, 20121 mins4वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘अपने-अपने अज्ञेय’ में १०० लेखकों के अज्ञेय से जुड़े संस्मरण… continue Reading..
प्रसिद्ध लेखक शिवमूर्ति को ‘लमही सम्मान’April 14, 20122 mins305हमारी भाषा के महत्वपूर्ण लेखक शिवमूर्ति को वर्ष 2011 का ‘लमही सम्मान’ दिए जाने की घोषणा हुई…ब्लॉग continue Reading..
अन्य पुरुष ! तुम्हारा स्वागत है मेरी कविता मेंApril 14, 20122 mins24आज मोनिका कुमार की कविताएँ. मूलतः पंजाबी भाषी मोनिका की कविताओं में निराशा का वह भाव नहीं… continue Reading..
अनैतिक तो जीवन में कुछ नहीं होताApril 13, 20121 mins10हिंदी कहानी में प्रियंवद का अपना मकाम है. जादू-जगाती भाषा, अनदेखे-अनजाने परिवेश-पात्र प्रियंवद की कहानियों में ऐसे… continue Reading..