मनोज कुमार पांडेय की कविता ‘सलीब के बाद’

आज पढ़िए मेरी पीढ़ी के चर्चित कथाकार मनोज कुमार पांडेय की लंबी कविता ‘सलीब के बाद’। यह कविता वैसे तो…

दुःख से ज्यादा खानाबदोश और कोई नहीं होता

पल्लवी त्रिवेदी की किताब ‘ज़िक्रे यार चले: लव नोट्स’ अपने आप में एक अलग विधा की किताब है। राजकमल प्रकाशन…

   समकालीन हिंदी कहानी में सवर्ण स्त्रियों की उपस्थिति

समय के साथ हिंदी साहित्य में स्त्रियों का हस्तक्षेप बढ़ा तो है लेकिन उसमें फिर सामाजिक वर्गीकरण के अनुसार देखने…

रवीन्द्र सङ्गीत : प्रवेश

आज रवींद्रनाथ ठाकुर(टैगोर) की जयंती है। हिन्दी में रवींद्र संगीत की चर्चा कम होती है। रवींद्र संगीत पर यह आलेख…

विनीता परमार की कहानी ‘अश्वमेध का घोड़ा’                                                

आज पढ़िए विनीता परमार की कहानी ‘अश्वमेध का घोड़ा‘। इतिहास, वर्तमान के कोलाज से बनी एक दिलचस्प और समसामयिक कहानी।…

सरिता स्निग्ध ज्योत्स्ना की कविताएँ

आज बिना किसी भूमिका के पढ़िए सरिता स्निग्ध ज्योत्स्ना की कविताएँ- ==================================== 1.पेनकिलर वाली औरतें दुनियादारी में प्रैक्टिकल हो चुकी…

विहाग वैभव और ‘मोर्चे पर विदागीत’

विहाग वैभव लंबें समय से कविताएँ लिख रहे हैं, जो समय-समय पर विभिन्न पत्रिकाओं आदि में पढ़ी जाती रहीं ।…

बंद गली का आखिरी मकान, देवेन्द्र राज अंकुर और कहानी के रंगमंच की स्वर्ण जयंती

हाल में ही राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के रंगमंडल द्वारा धर्मवीर भारती की प्रसिद्ध कहानी ‘बंद गली का आख़िरी मकान’ पर…

आम जन के विद्रोह की रूपक कथा है ‘नौकर की कमीज’

हिन्दी कथा-साहित्य में जब भी शिल्प के नए प्रयोगों पर बात होती है तो उनमें एक नाम बहुत ही प्रमुखता…

उज़्मा कलाम की कहानी ‘आधा अधूरा’

आज पढ़िए उज़्मा कलाम की कहानी ‘आधा अधूरा’। कहानी पहले ‘हंस’ में प्रकाशित हो चुकी है लेकिन कहानी का परिवेश,…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी