आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैंJuly 2, 20121 mins4अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो…ब्लॉग continue Reading..
वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थेJune 28, 20122 mins156अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन…ब्लॉग continue Reading..
छुट्टियाँ तो हैं, लेकिन वे इंतज़ार करते हुए चले गएJune 22, 20121 mins119अरुण प्रकाश हिंदी में बड़ी लकीर खींचने वाले कथाकार ही नहीं थे, एक बेहतरीन इंसान भी थे. उनको…ब्लॉग continue Reading..
एक कहानी नहीं पूरा शोध प्रबंध है ‘भैया एक्सप्रेस’June 19, 20121 mins5अरुण प्रकाश की बेमिसाल कहानी ‘भैया एक्सप्रेस’ के बहाने हिंदी कहानी में उनके योगदान को याद कर…ब्लॉग continue Reading..