पिराउद’ के बहाने के कुछ बातें

आज पढ़िए वरिष्ठ लेखक उदयन वाजपेयी के कहानी संग्रह ‘पिराउद’ पर यह टिप्पणी। लिखा है कुमारी रोहिणी ने। रोहिणी कोरियन…

मौलिकता, प्रासंगिकता और इतिहास कसौटी पर ‘मतलब हिन्दू’

आज पढ़िए अम्बर पाण्डेय के उपन्यास ‘मतलब हिन्दू’ पर यह टिप्पणी। लिखा है डॉ कुमारी रोहिणी ने। वाणी प्रकाशन से…

आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ पर कुमारी रोहिणी की टिप्पणी

जानकी पुल पर कल युवा लेखक आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ प्रकाशित हुई थी। कहानी समकालीन जीवन के…

‘बिना कलिंग विजय के’ की एक कविता के बहाने

कल साहित्य आजतक में यतीन्द्र मिश्र के कविता संग्रह ‘बिना कलिंग विजय के’ का लोकार्पण हुआ। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित…

मस्ट रीड है ‘देह ही देश’

गरिमा श्रीवास्तव ने बहुत लिखा है। बहुत महत्वपूर्ण अकादमिक लेखन किया है। लेकिन उनकी किताब ‘देह ही देश’ का अलग…

हान कांग को नोबेल और उनके लेखक पिता की प्रतिक्रिया

यह बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि हान कांग के पिता हान संग-वन भी कोरियाई भाषा के प्रसिद्ध लेखक हैं।…

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