अनुवाद में क्या-क्या छूट जाता है: कोरियाई साहित्य के बहाने

आज अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस है। अनुवाद ने साहित्यिक परिदृश्य को बदल कर रख दिया है। अनुवाद के इसी बदले परिदृश्य…

क्या प्रकृति को भी पितृसत्ता से आज़ादी चाहिए?

यह लेख प्रकृति और मनुष्य के रिश्ते को स्त्रीवाद के नज़रिए से देखती है। इको फेमिनिज्म पर कुमारी रोहिणी का…

पानी की स्मृति और भविष्य की प्यास : कुमारी रोहिणी

फणीश्वरनाथ रेणु जब 'मैला आंचल' या अपनी कहानियों में पूर्णिया के आंचलिक जल-संसार को रचते हैं, तो कोसी और उसकी…

माइकल: एक मिथक, एक बच्चा और एक अधूरी कहानी

हाल में ही प्रसिद्ध गायक-परफ़ॉर्मर माइकल जैक्सन की बायोपिक आई है- माइकल। इस बायोपिक पर यह विस्तृत टिप्पणी पढ़िए। माइकल…

‘क़यास’ को अनुवाद में पढ़ते हुए

कुछ महीने पहले प्रसिद्ध कवि-लेखक-चिंतक उदयन वाजपेयी के उपन्यास ‘क़यास’ का अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित हुआ है। ब्लूम्सबेरी से इसका अंग्रेज़ी…

बानू मुश्ताक़ ‘हार्ट लैंप’ और बुकर

कन्नड़ भाषा की वरिष्ठ लेखिका बानू मुश्ताक़ की किताब ‘हार्ट लैंप’ को इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ देने की घोषणा हुई है।…

गौतम राजऋषि से कुमारी रोहिणी की बातचीत

आज पढ़ते हैं गौतम राजऋषि से बातचीत। गौतम सेना में कर्नल हैं, हम लोगों के लिए उम्दा शायर हैं, कथाकार…

‘शुक्ल भी केवल अपने तरह के ही दिखाई पड़ते हैं, शुक्ल की तरह।’

लेखक-कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर यह टिप्पणी लिखी है अमेरिका प्रवासी प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखक अमितावा कुमार…

दिव्या विजय की डायरी ‘दराज़ो में बंद ज़िंदगी’ का एक अंश

युवा लेखिका दिव्या विजय की कहानियाँ तो हम पढ़ते ही आये हैं। अक्सर ही उनकी कहानियाँ बिना किसी अतिरिक्त शोर…

स्त्रियों की भाषा या भाषाओं में स्त्रियाँ

आज अंतरराष्ट्रीय स्त्री दिवस पर पढ़िए कुमारी रोहिणी का यह लेख जो स्त्री और भाषा को लेकर है। कुमारी रोहिणी कोरियन…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी