आज विद्वान कवि विष्णु खरे को याद करने का दिन है। उनको अपनी ही शैली में गल्पमिश्रित स्मरण लेख में…
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मैं हिंदी साहित्य की एकता हो गया हूँ
कल जब मैं गुलजार साहब का लिखा गीत ‘जब एक कज़ा से गुजरो तो इक और कज़ा मिल जाती है’…
मुझे वेरिफाई करके लिखना चाहिए था- विष्णु खरे
विष्णु खरे जी के लेख पर अशोक वाजपेयी जी ने एक कमेन्ट किया था. आज विष्णु खरे का एक पत्र…
मैं अन्याय के बारे में बोलना चाहता हूँ
‘कान्हा प्रकरण’ की स्मृतियाँ भले मिट चुकी हों लेकिन हिंदी के दो वरिष्ठ लेखक-कवियों में सवाल जवाब का सिलसिला अभी…



