नवारुण भट्टाचार्य की कहानी ‘पृथ्वी का आख़िरी कम्युनिस्ट’ 

नवारुण भट्टाचार्य की इस प्रसंगिक कहानी का अनुवाद किया है जानी-मानी लेखिका, अनुवादिका मीता दास ने- मॉडरेटर

===================================

इस पृथ्वी का आख़िरी कम्युनिस्ट

नवारुण भट्टाचार्य

बांग्ला से अनुवाद: मीता दास

2020 साल में एक घटना इस प्रकार घटित होगी जो इस कहानी से ही प्रमाणित हो जाएगा कि आज से ठीक सत्रह साल बाद जो घटेगा या जिस घटना का घटित होना संभव हो पाएगा उसी को लेक​र  ​यह कहानी मैं लिख रहा हूं।
उन्नीस सौ इक्यानवे में जिस सोवियत यूनियन की विलुप्ति की घोषणा इस दुनिया ​के​ सबसे नामी { प्रसिद्ध }
क्रिमि​नोलॉजिस्ट भी नहीं कर पाए।

 

अगर पृथ्वी को सैकड़ों बार जलाकर भस्म कर दिया जाए और इस तरह की हजारों न्यूक्लियर मिसाईल उनके साइलो में सोई हुई भी रहें और मार्किन युक्त राष्ट्र को नीचा दिखाने के लिए विशाल सामरिक वाहिनी, पुलिस, केबीजी, लाखों की तादात में पार्टी सदस्य सब ठूंठ साबित होंगे | इस घटना को हम विश्व का सबसे बड़ा पैरालिसिस { फ़ालिज } की भी संज्ञा दे सकते हैं | वलकोगन के जैसे इतिहासकार ने भी बाद में ढेर सारे तथ्य दिए | किन्तु इस महापतन के बारे में एक मात्र आभास कर पाते हैं हम साहित्यकार वुल्गाकाव, ग्रॉसमैन , लेव अनातोल से सलझेनित्सिन के अनेकों लेखों में | शायद उन्होंने साफ़ तौर पर नहीं लिखा पर उन लेखों में एक संभावना का आभास जरूर था | यह सब सिर्फ साहित्य में ही संभव है | 2010 यह संख्या बदल सकता है पर यह कहानी जरूर घटित होगा |

साल 2020 में व्हाइट हाऊस का लॉन , एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के प्रेसिडेंट अर्नाल्ड – शोवरजेनेगर के चलायमान संयुक्त शतक के अमोघ जययात्रा के सम्बन्ध में रिपोर्ट देते हुए यह समाचार भी जोड़ देंगे कुछ इस तरह —–

” ….. देखो … हाँ मैं आप लोगों को यह खबर बताना चाहूंगा कि — विश्व के आख़िरी कम्युनिस्ट की कल मौत हो गई है , ऑस्ट्रेलिया में | उनकी उम्र थी कोई बानवे साल | वह ईश्वर पर कोई आस्था न रखने के बावजूद भी ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें | अब पूरी पृथ्वी पर कोई कम्युनिस्ट नहीं बचा , एन्ड ऑफ़ द रेड …… “राईटर —- ” पर मिस्टर प्रेसिडेंट , आपको आखिरकार यह समाचार कहाँ से प्राप्त हुआ ? ”
” …….. क्यों ? जिन से हमें और भी कई तरह की सटीक खबरे आती हैं | सी आई ए , एफ बी आई , दोस्त ब्रिटेन के एम आई – फाइव | आजकल पृथ्वी स्वच्छ है , गोपनीय जैसा कुछ भी नहीं | कम से कम व्हाइट हाऊस में | ”
पर संयुक्त राष्ट्र के प्रेसिडेंट की बातों को नकार कर क्रेमलिन घोषणा करेगा कि शोवरजेनेगर की बातें गलत हैं | ऑस्ट्रेलियन वृद्ध पृथ्वी का आखरी कम्युनिस्ट नहीं है | पर पृथ्वी का आखरी कम्युनिस्ट भी मरने के कगार में है |रस्तोभ – अन – दन शहर के एक अस्पताल में | उसका नाम है ब्लादमीर रुवाकभ जिसे द्वितीय विश्व युद्ध में ” सोवियत यूनियन वीर ” का ख़िताब मिला |

रिपोर्टर लड़के का नाम था रॉबर्ट डायल , फ्रीलांस रिपोर्टिंग करता था | ” द डेली रिपोर्टर ” उसे मॉस्को में ईमेल से सूचित करता है कि वे लोग रुवाकभ ​पर एक स्टोरी करना चाहते हैं | ​ यह मेल डायल को रात में ही मिल चुका था | दूसरे ही दिन सुबह – सुबह डायल एरोफ्लाटेर डोमेस्टिक फ्लाईट पकड़कर रस्तोभ – अन – दन शहर पहुँच जाता है | रशिया के ​आतंरिक फ्लाईट के बारे में किसी भी तरह का उसे अनुभव नहीं था | यहाँ जिस तरह की बेढंगी एयर होस्टेस मिलीं उससे भी गंदी थी फ्लाईट का टॉयलेट | तीस सालों के कैपिटलिज़्म भी रशिया को सभ्य या भव्य नहीं बना पाई | रशियन केपिटलिस्ट मैनचेस्टर यूनाइटेड को भी खरीदना चाहते हैं | डायल रुवाकभ की खोज में निकलते ही उसे और भी कई स्टोरी मिल गईं | ऐसा कई बार होता है एक चक्कर के भीतर कई चक्कर | सिर्फ इसे इंट्रेस्टिंग बना पाए तो मजा आ जाये | डायल रस्तोभ – अन – दन के मेट्रोपोल होटल में चेक इन कर ही निकल पड़ा | उसके संग उसका नित्य का संगी लेपटॉप भी था |

” रशिया ही शायद विश्व का एकमात्र देश है जहाँ अस्पतालों में आयडोफॉर्म या उसी के जैसा कोई प्राचीन गंध मिलता है ” कुछ ऐसी ही लाईन मन ही मन सोचता डायल बॉरिस मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रवेश करता है | रिसेप्सनिस्ट लड़की टूटी – फूटी इंग्लिश में कहती है —

” आप मिस्टर डायल हैं ? ”

” हाँ , प्रेस का कार्ड दिखलाऊँ क्या ? ”

” नहीं , कोई जरूरत नहीं ” मिस्टर मैक्सिम ब्लादमीरोव्हिच रुवाकभ आधे घंटे से आपका इंतजार कर रहे हैं | वे ही आपको पेशेंट के कमरे तक ले जायेंगे | ” डायल के करीब आ गए थे मैक्सिम , डायल जनता था मैक्सिम इंग्लिश के प्रोफ़ेसर हैं | हाथ मिलाते ही मैक्सिम बोले –

” कैसे हैं आपके डैड ? ”

” होश में हैं पर अनर्गल बातें कर रहे हैं पर हमारी बातों का वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं | डॉक्टरों का भी कहना है इससे ज्यादा और कुछ नहीं किया जा सकता | और फिर युद्ध में उनके दोनों कानों में बहुत ही अधिक चोटें थीं | आप क्या स्कॉटलैंड से हैं , गलत कह गया ? ”

” नहीं आपने बिलकुल ठीक कहा | ”

” अभी भी पढ़ रहा हूँ | हिऊ मैकडायरमिड मेरे प्रिय कवि हैं , अपने उन्हें पढ़ा है ? ”

” नाम सुना है ”

आदिम युग के सामान लिफ्ट के निकट आकर दरवाजा खोलते हुए मैक्सिम हँस पड़ा |

” बेहद इच्छा थी कि मैं हीऊ मैकडायरमिड​ के ऊपर काम करू, स्कॉट भाषा भी सीख ली थी अगर आपको ” फस्ट हिम टू लेनिन ” या अ ड्रंक मैन लुक्स एट द थिसल ” पढ़नी हो तो स्कॉट भाषा आनी ही चाहिए | ​सच – सच कहूं तो बानर्स भी मुझे उतना नहीं खींचते | ”

बरामदे में एक मोटी सी मेट्रन रुसी भाषा में मैक्सिम से कुछ कहा और मैक्सिम हँस पड़ा |
” लगातार बातें कर रहे हैं वे …… क्या आप रुसी समझते है ? ”

” खूब अच्छे से नहीं , पर शायद टूरिस्ट बने तो असुविधा नहीं होगी | ”

” सोचिये मत मैं कह दूंगा | ”

” अच्छा सब कह रहे हैं कीआपके पिता ही पृथ्वी के आखरी कम्युनिस्ट हैं ! क्या आपको भी इस बात पर विश्वास हैं ? ”

” पेपरों में , टी वी पर तो यही कहा जा रहा है | क्रेमलिन भी यही कह रहे हैं | ”

” पर आप ? अमिन आपकी बात कर रहा हूँ , आप क्या कहते हैं इस बारे में | ”

वे अब एक केबिन के भीतर प्रवेश कर रहे हैं | इसलिए मैक्सिम का जवाब देने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता , समय ही नहीं मिला | उसी वक़्त एक डॉक्टर केबिन से बाहर निकल रहा था ।

​मॉनिटरिंग मशीन चल रहा था उसके परदे पर आड़ी – तिरछी ​रेखायें लहरा रही थीं और यह भी सूचना दे रही थी की जीवन चल रहा है | एक नर्स भी थी वहां |
बूढ़े रुवाकभ को जरा ऊँचा कर सुलाया गया था | बूढ़े थे वे बेहद ही बूढ़े पर कमजोर नहीं | चौड़ा माथा , सफ़ेद बाल उलझे से , दोनों ही ऑंखें बंद पर अचानक दोनों ही आँखे खोलकर स्पस्ट बात करने लगे |

कल से ही वे ……. स्तालिनग्राद के युद्ध के बारे में ही कह रहे हैं , बड़बड़ा रहे हैं | अचानक वृद्ध ने किसीको पुकारा —-

” रुबिन ! रुबिन ! ” मैक्सिम कहे जा रहा था |

” रुबिन थे मेरे पिता के गहरे दोस्त , स्पेन के कम्युनिस्ट नेत्री – डोलोरेस ईबारुरी का बेटा | वे दोनों स्पेन की लड़ाई संग लड़े थे | रुबिन स्तालिनग्राद युद्ध में ही मारा गया था , तब मेरे पिता पास ही खड़े थे | ” वृद्ध जोर – जोर से कुछ कहने लगता है और बातों में बीच रुबिन का भी नाम ले रहा था | पर डायल कुछ समझ नहीं पा रहा था |

” पिताजी रुबिन से कह रहे हैं …. रुबिन इतनी जल्दी मरने से नहीं चलेगा , जर्मन बम वर्षक स्तुका अब आकाश में नहीं हैं | अब आकाश ने छीन ली है हमारे स्तरमोभिक बम वर्षक , जमीने दखल कर ली हैं हमारे टी – 34 टैंकों ने | आकाश में जितना भी उजाला है सब उजाला कातियुषा रॉकेट का है | रुबिन अभी तुम्हारा मरना कतई ठीक नहीं | रुबिन , कॉमरेड स्तालिन हमे कह रहे हैं ….. रुबिन तुम्हारे पैरों के भायलेनकि …… हाँफते हैं वे ….. ” मैक्सिम कहने लगे —–

भायलेनकि यानि स्नो फॉल्ट बूट { जूते } इसे लाल फौज पहनती थी उसके नीचे दो जोड़ी ऊनी मोजे | जर्मन लोग के पास भायलेनकि नहीं थे | इसलिए वे बर्फ में जम गए थे | रुबिन की जिस दिन मौत हुई उसदिन तापमान था माईनस चवांलिस ​डिग्री | वे उसे याद कर रो रहे हैं क्योंकि रुबिन की मृत्यु हो गई है | कल भी वे रुबिन की ही बातें कर रहे थे |

सिसकना जरा रुक गया था , वे शांत हो रहे थे , दीर्घ साँसें ले रहे थे | फिर होंठ हिलने लगे ….. जर्मन भाषा में बातें करने लगते हैं , डायल को जर्मन आती है वह इतना समझ गया की ” यह जूकभ आदमी आखिर है कौन ? ” इतना कहकर वृद्ध हँस देते हैं | आखिरकार ऐसा डायल को महसूस हुआ |

” मैक्सिम पूरा विवरण व्याख्या कर उसे बता देता है |

” लाल फौज का एक जोक , जर्मन जनरल वॉन रुनस्टेड , फ़रवरी1942 को ​बड़े बेहद अचरज के साथ यह बात कही थी | ​​और भी ज्यादा अवाक् रह गया था यह जानकर ​कि , मार्शल जूकव एक गरीब किसान परिवार की संतान थे | प्रशियन जुंकर विषमय से भर उठा | और यही बात लाल फौज के सैनिक आपस में कहा करते थे | युद्ध के दौरान ऐसे ही अनेक तरह के जोक्स प्रचलित थे | कितनी ही कहानियाँ सुन रखी हैं मैंने पिता से …….

अचानक नर्स ने उठकर मॉनिटर की और ताका … फिर फोन मिलाने लगी …. वृद्ध को सांस लेने में कष्ट हो रहा था जैसे उसे भारी बोझ उठाना पड़ रहा हो , बायाँ हाथ अपने आप ऊपर उठ रहा था | डॉक्टर आश्चर्य से भर उठा |
” रुबिन ! ”
वृद्ध की दोनों आंखे खुली हुई थीं , पता नहीं किसे ढूंढ रहे थे | किसे …… कौन ….. क्या किसी कॉमरेड ? क्या किसी कॉमरेड का हाथ या किसी कॉमरेड का गोलियों से छलनी हुये हाथ गिरी हुई रायफल ? डायल अचानक खिड़की से बाहर की ओर ताकता है उसे बाहर बार्च के पेड़ कांपते हुए नजर आते हैं | यह कोई आंधी का समय है ? वृद्ध के गले से घर्र – घर्र आवाज स्पष्ट सुनाई दे रही थी | डॉक्टर नर्स से कुछ कहा और नर्स डॉक्टर के कहे अनुसार एक एम्पुल लेकर सिरिंज में भरने लगती है | वृद्ध कुछ कह उठते हैं , इतनी साड़ी बातें मैक्सिम डायल को अपने पिता के मृत्यु के बाद बताते हैं |

” पिता जिस बात को अपने आखरी वक़्त पर कह रहे थे वह यह था कि वान पलासके को भेजा गया रस्कोसवायस्की का आखरी सावधान करने वाली बात —– यह थी आपलोगों की सैन्य वाहिनी मुश्किल में हैं उनकी हालात सोचनीय है | वे भूख , बीमारी और भयंकर ठण्ड से जूझ रहे हैं | यह निष्ठुर रूस की ठण्ड मात्र अभी शुरू ही हुआ है इसके बाद हिमपात , वीभत्स आंधी और हिमवर्षा के संग तेज हवाओं की आंधी तो अब तक शुरू ही नहीं हुई है | आप लोगों की सेना के पास उन आँधियों से लड़ने के लिए ठण्ड के पोशाक ही नहीं हैं …….. स्टालिन ग्राद के युद्ध में एक लाख साठ हजार नाजी सैनिक मारे गए और बंदी हुए थे नब्बे हजार …..

उस दिन उसे लगा जरा सी आंधी या , हिमवर्षा जरूर रस्तोव -ऑन – दन पर से गुजरेगी रिपोर्ट लन्दन भेज कर
कुछ देर ​​रुसी टी वी पर ​डायल सर्कस देखेगा | सार्बेरियन बाघ के सर्कस के एरिना में | जलते हुए रिंग के भीतर से शेर कूदकर पार हो रहा है | इसके पश्चात वह टी वी ऑफ कर सो जायेगा | और उसी रात में कइयों की नींद उड़ जाएँगी |

उसी रात को बाल्टिक नौ – बहर के नाविक विद्रोह कर उठेंगे | विद्रोध फ़ैल जायेगा मॉस्को गैरिसन में और हजारों – हजारों सैनिक रात में ही बर्फ को पैरों से रौंदकर लाल पताका लिए निकल पड़ेंगे | क्रेमलिन की दीवार पर धक्का लगेगा तूफ़ान का स्लोगन | सेंट पीटर्सबर्ग वापस कहलायेगा लेनिनग्राद |

उसी रात इंडोनेशिया में कम्युनिस्ट लोग अब बन्दूक बिना ही अभ्युथान करेंगे | ऑस्ट्रेलिया में एक के बाद एक बंदरगाह में होते ही रहेंगे हड़तालें | बोलीविया में विस्फोट के साथ टिन श्रमिकों के विक्षोभ – लेनिन और चे की तस्वीरें लिए लैटिन अमेरिका के हर राजधानी को अचल कर रख छोड़ेंगे छात्र और मध्यमवर्गीय लोग | श्रमिक आंदोलन अचल हो जायेंगे | फ्रांस , ईटली , ग्रीस , स्पेन ….. खबरें आएँगी अफ्रीका से , अरब देशों से ……
पूरी दुनिया में लौट आएंगे कम्युनिस्ट | हाँ आएंगे … जरूर आएंगे | पर उसके लिए आगामी सत्रह साल या उससे भी ज्यादा का समय प्रत्येक घंटा और प्रत्येक मिनिट का उपयोग करना होगा | पूरी पृथ्वी में कम्युनिस्ट लौट आएंगे | हाँ। .. आएंगे ही | दस नहीं …… दस हजार दिन तक दुनिया कांपेगी |

इसी बात को इस कहानी में कह दी ||
००

मीता दास

मीता दास ।
63/4 नेहरूनगर , भिलाई ( छत्तीसगढ़ )
09329509050
mita.dasroy@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify Menu WordPress plugin – Wpdock Gravity Forms international phone input Google Analytics Events Add-on: Chauffeur Taxi Booking System Advanced Mailchimp integration with ARForms WooCommerce Best Price Guarantee – Price Match & Lowest Price Plugin Gravitizer – Gravity Forms Material UI Styler WPQA – Builder forms Addon For WordPress WooCommerce Plugin Bundle – Elementor Addons Blog Manager Module for CMS pro MagiCards – decks of cards to shuffle | WP plugin