सोचा ज़्यादा किया कम उर्फ एक गँजेड़ी का आत्मालाप

विमल चन्द्र पाण्डेय की की लम्बी कविता. लम्बी कविता का नैरेटिव साध पाना आसान नहीं होता. स्ट्रीम ऑफ़ कन्सशनेस की तीव्रता…

लोकप्रिय शैली में लिखी गंभीर कहानियां

  आकांक्षा पारे बहुत जीवंत, दिलचस्प कहानियां लिखती हैं और वह बिना अधिक लोड लिए. इसीलिए कथाकारों की भीड़ में…

मनोहर श्याम जोशी की कविता ‘निर्मल के नाम’

  निर्मल वर्मा के लिए उनके समकालीन लेखक मनोहर श्याम जोशी ने यह कविता 1950 के दशक के आखिरी वर्षों…

देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश

रामनवमी के अवसर पर देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश प्रस्तुत है. पेंगुइन बुक्स से प्रकाशित यह…

शर्मिला जालान की कहानी ‘चारुलता’

आज समकालीन कहानी की एक विशिष्ट स्वर शर्मिला जालान की कहानी ‘चारुलता’. शर्मिला जी कम लिखती हैं लेकिन भीड़ से…

महात्मा गांधी की प्रिय पुस्तकों की सूची

  महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट ‘हिंदी समय’ पर तेजी ईशा ने उन पुस्तकों की सूची प्रस्तुत की…

प्रदीपिका सारस्वत की कविताओं में कश्मीर

बहुत दिनों बाद कश्मीर पर कुछ अच्छी कविताएँ पढ़ी. कुछ कुछ अपने प्रिय कवि आगा शाहिद अली की याद आ…

दाहिने की सुविधा, और वाम की दुविधा के समीक्षक डॉ.रामविलास शर्मा

आज आलोचक रामविलास शर्मा की पुण्यतिथि है. उनके अवदान को याद करते हुए विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ====== रामविलास जी…

मुक्तिबोध का लेख ‘दून घाटी में नेहरु’

मुक्तिबोध का यह लेख भी आज पढ़ा जाना चाहिए। मुक्तिबोध ने यह लेख लिखा था जब नेहरू छुट्टी मनाने के…

काश ऐसा समाज होता जहाँ न ख़रीदार होते न लड़कियां बिकाऊ

प्रतिष्ठा सिंह इटैलियन भाषा पढ़ाती हैं लेकिन अपने समाज से गहरा जुड़ाव रखती हैं. बिहार की महिला मतदाताओं के बीच…

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