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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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prabhat

1277 posts

साहित्य एक टक्कर है। एक्सीडेंट है।

April 28, 20131 mins0
प्रसिद्ध आलोचक सुधीश पचौरी ने इस व्यंग्य लेख में हिंदी आलोचना की(जिसे मनोहर श्याम जोशी ने अपने…
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    शायक आलोक की कविताएं

    April 26, 20131 mins0
    शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद…
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      मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?

      April 20, 20131 mins0
      आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते…
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        नामवर सिंह की कविताएँ

        April 14, 20131 mins0
        हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ…
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          फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’

          April 11, 20131 mins0
          महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
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            फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’

            April 11, 2013August 5, 20251 mins8
            महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
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            निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकल

            April 7, 20131 mins0
            निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है…
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              यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती है

              April 4, 20131 mins0
              प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद…
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                इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

                April 3, 20131 mins0
                हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
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                  इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

                  April 3, 2013August 13, 20251 mins1016
                  हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
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                  • अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ

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