साहित्य एक टक्कर है। एक्सीडेंट है।April 28, 20131 mins0प्रसिद्ध आलोचक सुधीश पचौरी ने इस व्यंग्य लेख में हिंदी आलोचना की(जिसे मनोहर श्याम जोशी ने अपने… prabhatcontinue Reading..
शायक आलोक की कविताएंApril 26, 20131 mins0शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद… prabhatcontinue Reading..
मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?April 20, 20131 mins0आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते… prabhatcontinue Reading..
नामवर सिंह की कविताएँApril 14, 20131 mins0हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ… prabhatcontinue Reading..
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’April 11, 20131 mins0महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु… prabhatcontinue Reading..
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’April 11, 2013August 5, 20251 mins8महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु…फीचर्ड prabhatcontinue Reading..
निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकलApril 7, 20131 mins0निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है… prabhatcontinue Reading..
यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती हैApril 4, 20131 mins0प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद… prabhatcontinue Reading..
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैंApril 3, 20131 mins0हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को… prabhatcontinue Reading..
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैंApril 3, 2013August 13, 20251 mins1016हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…ब्लॉग prabhatcontinue Reading..