मृणाल पांडे का उपन्यास ‘सहेला रे’ माइक्रोहिस्टोरिकल फ़िक्शन है

  मृणाल पांडे का उपन्यास ‘सहेला रे’ एक दौर की कला की दास्तानगोई है. महफ़िल गायकी की छवि को दर्ज…

हिंदी का सबसे बड़ा साहित्यिक प्रकाशन समूह कौन है?

  यह पुराने प्रकाशनों के विलयन का दौर है, उनको नया रूप देने के लिए बड़े प्रकाशकों द्वारा अपनाया जा…

उषाकिरण खान की कहानी ‘मुझे ले चलो: भूखी हॅूं’

  आज वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान की कहानी. उषाकिरण जी का कथा संसार बहुत विस्तृत है, इतिहास से वर्तमान तक…

प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ’14 फ़रवरी’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत को किसी परिचय की दरकार नहीं है. कहानियां जरूर उन्होंने हाल में लिखना शुरू किया है.…

प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘तन तंबूरा तार मन’

प्रदीपिका सारस्वत सुपरिचित लेखिका हैं. वेबसाइट्स पर बहुत अलग तरह की स्टोरीज करती हैं. कविताएँ लिखती हैं, यह उनकी एक…

कृष्णा सोबती के उपन्यास ‘दिलो दानिश’ का एक अंश

  कृष्णा सोबती के उपन्यासों में दिलो-दानिश का अपना मुकाम है. पुरानी दिल्ली की मिली जुली संस्कृति पर ऐसा उपन्यास…

सुजाता का उपन्यास ‘एक बटा दो’ अनामिका की भूमिका ‘न आधा न पूरा’

अभी हाल में ही संपन्न हुए विश्व पुस्तक मेले में युवा लेखिका सुजाता का उपन्यास ‘एक बटा दो’ राजकमल प्रकाशन…

रउफ रज़ा की गज़लें: इरशाद खान सिकंदर की प्रस्तुति

  2 दिसम्बर 2016 को रऊफ़ रज़ा साहब के इन्तक़ाल की ख़बर ने मुझ समेत तमाम नौजवानों को भी गहरा…

इतिहास पृष्ठभूमि है तो साहित्य उस पर पड़ने वाला प्रकाश है- त्रिलोकनाथ पाण्डेय

  ‘प्रेम लहरी’ के लेखक त्रिलोकनाथ पाण्डेय से युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की बातचीत पढ़िए. यह उपन्यास राजकमल प्रकाशन के…

सेक्स के कोरे चित्रण से कोई रचना इरोटिका नहीं हो जाती – संदीप नैयर

  संदीप नैयर को मैंने पढ़ा नहीं है लेकिन फेसबुक पर उनकी सक्रियता से अच्छी तरह वाकिफ हूँ. उनका उपन्यास …

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