आज दुष्यंत की कुछ गज़लें-कुछ शेर. जीना, खोना-पाना- उनके शेरों में इनके बिम्ब अक्सर आते हैं. शायद दुष्यंत कुमार की…
Author: prabhat
एक महाशय जो फिल्म-निर्देशक बन गया.
आज मिलते हैं हाल में ही कांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई विवादस्पद फिल्म ‘माई फ्रेंड हिटलर’ के डायरेक्टर राकेश…
हिंदी-लेखकों को कब मिलेगी मुक्ति उपेक्षित होने के अहसास से
आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री जी के देहांत के बाद बड़े पैमाने पर इस बात को लेकर चर्चा हुई कि करीब…
शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं!
वरिष्ठ पत्रकार-लेखिका गीताश्री की नई पुस्तक आई है सामयिक प्रकाशन से \’औरत की बोली\’. पुस्तक हिंदी में विमर्श के कुछ…
एक थे गीतकार योगेश
हिंदी फ़िल्मी गीतों में साहित्यिकता का पुट देने वाले गीतकार योगेश के बारे में लोग कम ही जानते हैं. एक…
मंच के हंस : बलबीर सिंह रंग
हिंदी की मंचीय कविता को लोकप्रिय बनाने वाले कवियों में बलवीर सिंह रंग का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.…
वो गुज़रा ज़माना: स्टीफन स्वाइग
कुछ बरस पहले ऑस्ट्रियन लेखक स्टीफेन स्वाइग की आत्मकथा का हिंदी अनुवाद आया था तो उसकी खूब चर्चा रही. अनुवाद…



