आज आधुनिक कहानी के पिता माने जाने वाले लेखक मोपासां की पुण्यतिथि है. कहते हैं मोपासां ने कहानियों में जीवन की…
Author: prabhat
एक शताब्दी के कवि आरसी प्रसाद सिंह
\’यह जीवन क्या है ? निर्झर है, मस्ती ही इसका पानी है / सुख-दुःख के दोनों तीरों से चल रहा…
उन प्रथम, सुकुमार दिनों का वह उजला अनुभव
प्रसिद्ध पत्रकार प्रियदर्शन को हिंदी की की साहित्यिक दुनिया कवि-कथाकार के रूप में जानती-पहचानती है. समकालीन पीढ़ी के रचनाकारों…
अरिंदम चौधरी को गुस्सा क्यों आता है?
मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्ली प्रेस की प्रसिद्ध सांस्कृतिक पत्रिका कारवां(the caravan) पर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया है,…
उर्दू शायरी को आज़ाद करने वाले राशिद
उर्दू के विद्रोही शायर नून मीम राशिद की जन्मशताब्दी चुपचाप गुज़र गई. उनकी शायरी और शख्सियत पर प्रेमचंद गाँधी…
किसी यूरोपियन के सामने खड़े हो कर हम अपने को नीचा समझते हैं
ओरहान पामुक का प्रसिद्द उपन्यास \’स्नो\’ पेंगुइन\’ से छपकर हिंदी में आनेवाला है. उसी उपन्यास के एक चरित्र \’ब्लू\’,…
उनका अकेलापन मेरा एकांत है
आज मोहन राणा की कविताएँ. विस्थापन की पीड़ा है उनकी कविताओं में और वह अकेलापन जो शायद इंसान की नियति…
हिंदी सिनेमा के कुछ भूले बिसरे गीतकार
दिलनवाज़ जब फिल्म-गीतकारों पर लिखते हैं तो हमेशा कुछ नया जानने को मिलता है. इस बार उन्होंने हिंदी सिनेमा के कुछ…
लिख दूँगा दीवार पर तुम्हारा नाम
अज्ञेय के जन्म-शताब्दी वर्ष में प्रोफ़ेसर हरीश त्रिवेदी ने यह याद दिलाया है कि १९४६ में अज्ञेय की अंग्रेजी कविताओं…



