संजू शब्दिता के कुछ शेर

संजू शब्दिता बहुत अच्छे शेर कहती हैं. फेसबुक पर उनके कई शेर पढ़कर मैं बहुत मुतास्सिर हुआ. यहाँ उनके करीब 60 चुनिन्दा शेर हैं. पढियेगा और अच्छी लगे तो दाद भी दीजियेगा- मॉडरेटर 
=====================================================

1-
हम सितारों की उजालों में कोई कद्र कहाँ
खूब चमकेंगे जरा रात घनी होने दो
2-
हवा के काम सभी कर  गए बख़ूबी हम
मगर चराग़ बुझाना हमें नहीं आया
3-
किसी ने कह दिया जहाँ तुम्हीं से रौशन है
चराग़ खुद को आफ़ताब ही समझ बैठा
4-
चरागों के उजालों को चुराकर
बने बैठे हैं कुछ सूरज यहाँ पर
5-
काफ़िया ले लिया गलत हमने
अब ग़ज़ल किस तरह मुक़म्मल हो
6-
बदलने चल पड़े दुनिया को नादाँ
जो दाना हैं तमाशाई बने हैं
7-
उसने रस्मन जो मांग ली माफ़ी
मैंने भी माफ़ कर दिया रस्मन
8-
रक्खा भी क्या है इन किताबों में
वक़्त है ज़िन्दगी पढ़ी जाये
9-
इतना ज्यादा है मेरा सादापन
लोग शातिर समझने लगते हैं
10-
थोड़ी सी दिल में क्या जगह मांगी
वो मुहाज़िर समझने लगते हैं
11-
ज़िरह करने की अब हिम्मत नहीं है
मैं बाजी हारकर भी ख़ुश बहुत हूँ
12-
मिली रहमतें भी हमें इस तरह
हवा हमने चाही तो आंधी मिली
13-
हमने सांसे ही मुल्तवी कर दीं
आओगे जब बहाल कर देंगे
14-15
हमारा नाम लिखकर वो हथेली में छिपा लेना
हमेशा छत पे आ जाना तुम्हारा शाम से पहले
तुम्हारे दम पे ही हमने भरा था फ़ॉर्म मैट्रिक का
तुम्हें भी रूठना था बोर्ड के एग्जाम से पहले
16-17
उलझ गया है अभी आसमां पहेली में
सितारे क़ैद हुए किस तरह हथेली में
उसे है इश्क़ हमीं से मगर बताएं क्या
वो ढूंढ़ता है बहुत खूबियाँ सहेली में
18-19
तरबियत* है नए ज़माने की
दिल में रखकर दरार मिलते हैं
हम जो निकले हैं ढूंढ़ने नादाँ
सब के सब होशियार मिलते हैं
*तरबियत – शिक्षा – दीक्षा
20-
मौत के बाद ज़िन्दगी होगी
ये समझकर ही मर रहे हैं हम
21-
जीना दुश्वार मरना भी मुश्किल
या ख़ुदा और कोई राह दिखा
22-
हुकूमतों का शोख़ रंग यह भी है यारो
कि हम जहाँ नहीं दिलों पे राज करते हैं
23-
ख्वाहिशें बेहिसाब होने दो
ज़िन्दगी को सराब होने दो
24-
उलझे रहने दो कुछ सवाल उन्हें
खुद ब खुद जवाब होने दो
25-
तुम रहो दरिया की रवानी तक
मेरी हस्ती हुबाब होने दो
26-
हार का लुत्फ़ भी उठा लेंगे
इक दफ़ा कामयाब होने दो
27-
रब ने तो दे दिया जहाँ सारा
मुझको बस ज़िन्दगी की चाहत थी
28-
परिन्दा घर गया वापस नहीं पहचानता कोई
सुनो सैयाद तुमने देर की आज़ाद करने में
29-
पहले नादाँ थे बोलते थे बहुत
अब जो दाना हुए तो चुप हैं हम
30-
उसकी ग़ज़लों में ग़ज़ल हो कि न हो
उसके लहज़े में तगज्जुल है बहुत
31-
दौड़ते भागते रहे हरदम
पर कहीं आज तक नहीं पहुंचे
32-
परिन्दा चाहता तो उड़ ही जाता
मुहब्बत हो गई पिंजरे से उसको
33-
ज़रा सी हेरा फेरी की जरुरत है
किसी पत्थर को वो हीरा बना देगा
34-
इश्क़ की आग लग गई मौला
हम जलेंगे बड़े करीने से
35-
तू सितम देखकर भी चुप क्यों है
मुझको शक़ है तेरी खुदाई पर
36-
बात करते हैं आसमान से हम
ले रहे दुश्मनी जहान से हम
37-
पत्थरों के शहर में ज़िन्दा है
लोग कहते हैं आइना है वो
38-
वो बहाने से जा भी सकता है
हम इसी डर से रूठते ही नहीं
39-40
हमारी बात उन्हें इतनी नागवार लगी
गुलों की बात छिड़ी और उनको खार लगी
बहुत संभाल के हमने रखे थे पाँव मगर
जहाँ थे जख़्म वहीं चोट बार- बार लगी
41-
जब से सीखा है तैरने का हुनर
हो गई ज़िन्दगी समन्दर सी
42-43
चाँद तारे ख़्वाब में आते नहीं
हम भी छत पर रात में जाते नहीं
ढूंढ़ते हैं मिल भी जाता है मगर
चाहिए जो बस वही पाते नहीं
44-
रब ने तो दे दिया जहाँ सारा
मुझको बस ज़िन्दगी की चाहत थी
45-
परिन्दा घर गया वापस नहीं पहचानता कोई
सुनो सैयाद तुमने देर की आज़ाद करने में
46-
फलों की डाल हैं झुकना तो तय था
मगर हम शाख से कटते रहे हैं
47-
रवायत इश्क़ की भाती नहीं है
जफ़ा की रस्म में उलझे रहे हम
48-
है भला क्या तेरी परेशानी
बावफ़ा जो हुआ नहीं जाता
49-
कैसे वादा निभाऊँ जीने का
तेरे बिन अब जिया नहीं जाता
50-
मिला कुछ इस तरह महबूब हमसे
जुदाई में ही हम अच्छे रहे हैं
51-
मंज़िलों के सफ़र में रस्ते भर
जान जाती है जान आती है
52-
अब किसी हाल में बेहाल नहीं होते हम
लोग इस बात पे हैरान हुए जाते हैं
53-
कतर डाले मेरे जब हौसलों के पंख उसने
बुलंदी आसमां की अब दिखाना चाहता है
54-55
वो मेरी रूह मसल देता है
साँस भी लूँ तो दख़ल देता है
उसको मालूम नहीं गम में भी
वो मुझे रोज ग़ज़ल देता है
56-
मैंने माँगा था उससे हक़ अपना
बस इसी बात पर खफ़ा है वो
57-
बेवज़ह बात क्यों बढ़ाते हो
हम गलत हैं तो तुम सही हो क्या
58-
इक मुहब्बत में हार बैठे हम
वर्ना तू क्या तेरी बिसात ही क्या
59-
कुछ दिन से मेरे शहर का मौसम है बदगुमां
गुमसुम हैं बागबान सभी गुल खिला नहीं
60-
कैसा विसाल आज है कोई गिला नहीं
पहले कभी वो आज तलक यों मिला नहीं
61-
वो मेरी ग़ज़लों का ही है हिस्सा
वो कहाँ ज़िन्दगी में शामिल है
62-
शाइरी जिसको कह रहे हैं सब
वो मेरी रूह का ही हिस्सा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify Jet – Responsive Megamenu WOOATM- WooCommerce Accordions & Tab Manager WooCommerce for LatePoint (Payments Addon) WooCommerce POS Multicurrency Alert and Notification For Elementor All in One Carousel for WordPress Masking Video addon for Elementor WP IconFinder – Find free icons for WordPress WooCommerce Product Page Customizer WordPress Live NFT Cards Affiliates with VueJS