\’आत्मज में उतना ही इतिहास है घी में जितना दूध होता है\’- विनय कुमार

प्रसिद्ध कवि-मनोचिकित्सक विनय कुमार का काव्य नाटक हाल में आया है \’आत्मज\’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित यह…