कथाकार ओमा शर्मा को हाल में ही रमाकांत स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उस अवसर पर उन्होंने जो वक्तव्य…
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जब इंडिया गेट के माथे पर मोमबत्तियाँ जलती हैं
युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा की ये कविताएँ हमें कुछ सोचने के लिए विवश कर देती हैं, हमारी मनुष्यता पर…
जो न फरेब खाते हैं न फरेब देते हैं
वरिष्ठ कवि-आलोचक विष्णु खरे ने चंद्रकांत देवताले के साहित्य अकादेमी सम्मान पर एक अच्छी टिप्पणी की है, हालांकि अपनी खास…
देश के साथ मेरे बेटे ने भी प्रश्न पूछना शुरू कर दिया है
युवा कवि रविभूषण पाठक ने नए साल की बधाई कुछ इस तरह से दी है- जानकी पुल. ========================================================= नया साल…
उम्मीदों के चराग गलियों में रोशन हो रहे हैं
बीते साल की दस प्रमुख नाट्य प्रस्तुतियों पर लिखा है युवा आलोचक-शोधार्थी अमितेश कुमार ने- जानकी पुल. ======= ======= साल…
संवादहीनता एक बड़ी समस्या न बन जाए
दिल्ली में सामूहिक बलात्कार के बाद शुरु हुए आंदोलन को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र धोड़पकर ने बहुत बहसतलब लेख लिखा…
स्त्री हर जगह स्त्री है
दिल्ली की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद बलात्कार और उसके कानूनों को लेकर बहस शुरु हो गई है. कवयित्री अंजू शर्मा…
नालायक बनने में ही आदमी का बचाव है
आज कुछ कविताएँ रामजी तिवारी की. समय-समाज की कुछ सच्चाइयों के रूबरू उनकी कविताएँ हमें हमारा बदलता चेहरा दिखाती हैं-…
कविता कोश, दिनकर और अफजल गुरु
आशुतोष कुमार का यह लेख आंखें खोल देने वाला है- जानकी पुल. =========================================== सौ बार दुहराने से झूठ सच हो…
अपर्णा मनोज की कहानी ‘सारंगा तेरी याद में’
अपर्णा मनोज ने कम कहानियां लिखकर कथा-जगत में अपना एक अलग भूगोल रचा है. अछूते कथा-प्रसंग, भाषा की काव्यात्मकता, शिल्प…



