स्टोरीटेल: ऑंखें बंद करके कहानी में घुल जाना

स्टोरीटेल ऐप पर कहानी सुनने के अनुभव को हमसे साझा कर रही हैं सुपरिचित लेखिका इरा टाक। स्टोरीटेल के लिए उन्होने आडियो सीरीज भी लिखा है- मॉडरेटर

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थोडा होश सँभालते ही हम कहानियों की गिरफ्त में आ जाते हैं.. बचपन में दादी, नानी, फिर माँ के किस्से, कहानी को लेकर हमारी समझ विकसित करते हैं. स्कूल में कोर्स की किताबों में कहानियां पढने से पहले ही कई पात्र हमारे जीवन में शामिल हो चुके होते हैं. कहानियों ने लम्बा सफर तय किया है मुंह जुबानी, किताबें, डिजिटल और ऑडियो जोकि मुंह जुबानी का ही विकसित टेक्निकल रूप है.

ऑडियो कहानी के लिए लिखना एक अलग अनुभव है, संवाद कसे हुए और रोचक होने चाहिए. Storytel के लिए मैंने एक घंटे की कहानी “पटरी पर इश्क” लिखी थी, जो बड़े दिन यानि 25 दिसम्बर 2018 को लांच हुई थी. उसको सुनने के लिए मैंने पहली बार Storytel का एप्प डाउनलोड किया था. पुष्कर विजय की खूबसूरत ठहरी हुई आवाज़ ने कहानी को एक अलग ही रंग में रंग दिया है.

स्टोरीटेल से जुड़ने की मेरी कहानी भी कुछ अलग अंदाज़ की है. पब्लिशर प्रियम्वदा रस्तोगी से मेरी मुलाकात मुंबई में प्रसिद्ध रंगकर्मी विभा रानी जी के घर हुई थी. वहां बातों ही बातों में उन्होंने बताया कि उनको बच्चों के लिए ऑडियो कहानी लिखने के लिए लेखकों की तलाश है. मैंने बोला मैंने कभी बच्चों के लिए लिखा तो नहीं पर मैं कोशिश ज़रूर कर सकती हूँ. बस यहीं से शुरू हुआ मेरा और स्टोरीटेल का सुरीला सफ़र.

बच्चों की कहानी पर तो बात नहीं बनी पर बड़ो की मतलब एडल्ट नॉवेल “गुस्ताख़ इश्क़” के लिए मेरा उनसे करार हुआ. गुस्ताख़ इश्क मेरा पहला ऑडियो नावेल है जो जल्द ही रिलीज़ होने वाला है. इसको लिखने में लगभग छह महीने लगे. उसके पहले न्यू ईयर स्पेशल एक घंटे की कहानी “पटरी पर इश्क़” लिखी.

कहानियों को सुनना एक अलग तरह का अनुभव होता है, जैसे कहानी आपके अन्दर घुलती जा रही हो. जब आप ऑंखें बंद कर कहानियों के लोक में पहुँच जाते हैं. दृश्यों की कल्पना करते हैं, पात्रों को ऑंखें बंद कर के देखते हैं, पात्र आपके सामने चहलकदमी कर रहे हों और आप हाथ बढ़ा कर उन्हें छू सकें !

कुछ समय के लिए इस दुनिया से अलग एक नयी दुनिया में जाना एक तरह का मैडिटेशन ही होता है.

storytel पर मैंने कई कहानियां सुनी, जिनमें अगाथा क्रिस्टी का Evil Under the Sun रोमांचित कर देने वाला अनुभव रहा. प्रभात रंजन की कोठागोई की किस्सागोई अच्छी लगी. दोस्त शिल्पा की कहानी चलती रहे ज़िन्दगी, बच्चों की कहानियों में “गोलगट्टम” और “छोटी दुर्गा” मजेदार लगीं.

Audio story कहानियों की दुनिया में एक नया रंग जोड़ती है. उनको सुनने, समझने और महसूस करने की ज़रूरत है. पाठक से श्रोता बनने की ज़रूरत है. तो मोबाइल में डाउनलोड कीजिये storytel का app और किस्से कहानियों को अपनी हथेली में रखिये.

इरा टाक

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