जब  दर्द  नहीं  था  सीने में तब ख़ाक मज़ा था जीने में!

शायर और पुलिस अधिकारी सुहैब अहमद फ़ारूक़ी कोविड 19 से संक्रमित होकर आइसोलेशन में हैं। वहाँ से उन्होंने यह मार्मिक अनुभव लिख भेजा है। आप भी पढ़िए –

=======================================

जब  दर्द  नहीं  था  सीने में

तब ख़ाक मज़ा था जीने में

यह तो गाने का मुखड़ा है

कुछ  दर्द   बढ़ा जब सीने में

आया है मज़ा अब  जीने  में

यह मेरा इस मुखड़े पे टुकड़ा है। कुछ गम्भीर, मनीषी, प्रबुद्ध लोगों को यह टुकड़े वाला दुखड़ा स्तरहीन लगेगा! मगर इस एकांतवास में स्तर की चिंता न रख कर  ख़ुद को बरक़रार रखना चैलेंज है।

********

परसों पत्नी जी आई थीं। हिंदी फिल्मों के सारे जेल मिलाई के सीन्स की सीकुवेन्स की तरह अन-मेल हुआ:-

हाथ छुड़ावत जात हो जो निर्मिन जान के मोहे

हिरदय में से जाओ तो तब मैं जानू तोहे

#सूरदास

उनकी निगाहों में तो मैं रहता ही होऊंगा। मगर मेरी निगाहों में मेरी बिटिया रहती है। मेरे ख़याल में कल हम दोनों की कई सालों बाद फ़ोन पर इतनी बात हुई। बात का विषय वृहद होकर मेरे होंटों पर लगे बुख़ार-के-मूतने-के-निशान से लेकर मेरी मूँछो की सफ़ेदी की तरफ़ तक चला गया। इस से पता चला कि अलीना मुझे मिस कर रही है। वह अपने बाप को बूढ़ा, अशक्त नहीं बल्कि फ़िट देखना चाहती है। एकांतवास का बिगेस्ट चैलेंज है, अपने को बिखरने से बचाना। हालांकि एक भी बाहरी कारक आप पर कोई प्रेशर नहीं डाल रहा है मगर,  आप सैंड ग्लास की तरह बिखर रहे हो। ख़याल प्रवाहित हैं, आपके चारों ओर हैं। इकट्ठे होते हैं, इकट्ठे होते होते अपनी शेप खो बैठते हैं। आप उनको पकड़ने की कोशिश में उठते हैं। आपकी ड्रिप आपको यथार्थ में रोक देती है।

जुवेनाइल लव के जिन एपिसोड्स को आप बिसरा चुके हो वो कच्ची इमली के ज़ायके और ज़ाफ़रानी पुलोवरों के साथ जमाल-शाही के कोड़ों की गर्म ख़ुशबू आप के अस्पताल के बेड पर बिखरने लगती है। ऊंचा नीचा ग्लास। आप शर्माने से ज़्यादा घबराकर उठ बैठते हो।

हाथ छुड़ावत जात हो जो निर्मिन जान के मोहे,

हिरदय में से जाओ तो तब मैं जानू तोहे

इन ख़्वाबों ने शर्मिंदा कर दिया। गन्दा कर दिया।

 आपका करेक्टर आप की ही नज़रों में आपके जीवनसाथी के समक्ष ख़राब हो जाता है। आपका सीना भरा हुआ है कफ़ से साँसों से । आपको बचपन याद आता है। मारने वाले याद आते है। पिटने वाले याद आते हैं। आप ढेर सारा सांस नहीं छोड़ सकते क्योंकि आप का शरीर इतनी मेहनत नहीं झेल पा रहा । आप की हैसियत उस मतरूक लफ़्ज़ की तरह हो गई है जिसको विद्वानों ने प्रचलन से बाहर कर दिया हो । आपको अपने वजूद की लड़ाई ख़ुद से लड़नी पड़ रही है। आपके भीतर का मुसलमान आपको कहता है कि नमाज़ नहीं पढ़ता न? मैं निदामत में आँखे बंद कर लेता हूँ। मगर आँखें तो पहले से ही बन्द हैं। शिखा बिटिया आ जाती है अंकिल स्टीम ले लो। स्टीम प्यूरली धर्म निरपेक्ष है। नमाज़ पढ़ने या भजन वंदन के लिए किसी ठेकेदार से  इसके इस्तेमाल पर कोई पाबन्दगी या

इजाज़त नामा नहीं इशू होना है। धर्म सापेक्ष क्यूं नहीं हो सकता। निज धर्म को शुचित दर्शाने के लिए पर:धर्म की सुव्याख्या क्यों करनी पड़ती है। Vinod Vij साहब मेरे लिए क्यों रोज़ अपनी आरती में अलग हिस्सा क्यों निकालते हैं। Sanjay Mishra फ़ारूक़ी साहब को क्यूँ याद रखते हैं? मैं पाठक साहब से बात करने के बाद अपने पिता को क्यूँ याद करके रोता हूँ। मेरी फंसती साँसों के बीच अभी भी ये सब विमर्श क्यों हैं?

इब्न-ए-मरियम हुआ करे कोई

मेरे दुख की दवा करे कोई

बक रहा हूँ जुनूँ में क्या क्या कुछ

कुछ न समझे ख़ुदा करे कोई (ग़ालिब)

इस शहरे ना मुराद में बने सभी रिश्ते आभासी श्लेष की ढीली पकड़ छोड़ रहे हैं। जड़ें आपकी पैतृक स्थान में सूख चुकी हैं। वहां के तनावर दरख़्त ज़मींदोज़ हो चुके हैं या होने का इंतेज़ार कर रहे हैं। नई बेलों के लिए आप सिर्फ़ सफलता का एक नमूना और अग्रसर होने के लिए बस एक सहारा हो। फिर भी आपको ख़लिश होती है कि शायद आपको याद करते हुए कोई एक फ़ोन करे। मगर दूसरी ओर आप पूरी निष्ठुरता से जो फोन आ रहे हैं उनको सुन नहीं रहे हो।

समझ में कुछ नहीं आता कि माजरा क्या है? हबीब पेंटर होने को दिल, (दिल जिसके चारों ओर फुफ्फसीय संसार में सूक्षतम जीव ने उपनिवेश बना लिए हों)  चाहता है। बहुत कठिन है डगर पनघट की, कैसे मैं लाऊं भरके मधुआ से मटकी। मधुआ में शिर्क झलकता है। भीतर एक मुसलमान है जो सिर्फ़ मुसीबत में फँसे होने पर  इबादत के सहारे मुसीबत पार नहीं करना चाहता। मगर बख़्शिश तो बिना इस्लाम के नहीं हो सकने वाली। तो ऐ पाक परवरदिगार ! मैं गुनहगार बन्दा, हार नहीं मानूँगा। मैं वापसी करूँगा, अंदर मियाद। तब तक दरे मयकदा खुला रखियो। अभी सुब्ह सादिक़ में बहुत देर है।

तहज्जुद गुज़ार अभी राह में है।

परसों दो हादसों ने हिली हुई साँसों को और हिला दिया है। सतीश शर्मा साहब का हॉर्ट फ़ैल हो गया है। ये अच्छे लोग दिल के सब्जेक्ट में ही क्यों कमज़ोर होते हैं। समझ में यह भी नहीं आता कि अतुल श्रीवास्तव साहब को किसी भी समय परेशान करने का अधिकार रखने वाला मैं उनको कैसे बताऊँ कि संसार का सबसे बड़ा बोझ बाप के कंधों पर बेटे का जनाज़ा होता है।

 डिसिप्लिन की बीमारी आपको बीमारी में भी शेव बनाने और रोज़ नहाने से नहीं रोकती। आप इतने निशक्त हो जाते हैं कि आप मग्गा सर तक लाते लाते अपना मुंह टेढ़ा कर बैठते हो। आपको एक एक साँस की वैल्यू पता चलती है।

सीटी स्कैन की रिपोर्ट में मार्किंग 18/25 आई है। जब आपके फेफड़ों के सभी पाँचो ख़ाने  दो तिहाई और तीन चौथाई भरे हुए हों तब आप अपने शरीर की अतिसक्रिय मेधाविता पर मात्र क्षीणता से मुस्कुरा सकते हैं। हँसने लायक़ प्राण वायु आप में है ही नहीं।

शेव करने की बात से मुझे ज़ुल्फ़िक़ार भुट्टो की अंतिम शेव याद आती है। वह परवरदिगार के सामने नक़ली रूप में नहीं जाना चाहते थे।

क्या सूफ़ी ओ मुल्ला को ख़बर मेरे जुनूँ की

उन का सर-ए-दामन भी अभी चाक नहीं है

आलम है फ़क़त मोमिन-ए-जाँबाज़ की मीरास

मोमिन नहीं जो साहिब-ए-लौलाक नहीं है।

इक़बाल साहब के कलाम के बाद आपको मेरा आर्तनाद भी बल्कि मेरा आर्तनाद ही सुनना पड़ेगा:-

मिरा मुश्किलकुशा है, और मैं हूँ

उसी का  आसरा  है,  और  मैं  हूँ

मिरा दस्त-ए-दुआ है, और मैं हूँ

सदाए    बे-सदा  है,   और  मैं  हूँ

सुहैब आओ इबादत की घड़ी है

दरे   मैख़ाना  वा  है,  और  मैं  हूँ

कल फिर कोविड सेम्पल भरा गया है। सुबह के साढ़े चार बज चुके हैं। सीपीडब्ल्यूडी की फ़ेक वेबसाइट वाली फाइलें अचानक से याद आ जाती हैं। धर्म और निजता गौण हो जाती है। पेंडिंग इन्वेस्टिगेशन के बारे में थाने में बताना है। चार्जशीट वक़्त रहते दाख़िल होनी है।

एक दम से दरवाज़ा खटखट होता है। संजना बिटिया ऑक्सीजन मापने की मशीन लेकर आई है। डॉ साहब का निर्देश है कि एसपीओ2 का टारगेट 92 से नीचे नहीं होना है।

गुड मॉर्निंग हज़रात!

अनीस अमरोहवी साहब के इस शेर पर उतरने की कोशिश करूँगा:-

लौट  आऊँगा    सुर्ख़ रू   होकर

सारा लश्कर इस इन्तज़ार में था

दुआओं में तो याद रखोगे ही।

********

हाथ छुड़ावत जात हो जो निर्मिन जान के मोहे

हिरदय में  से  जाओ तो तब  मैं  जानू तोहे

Missing You Kashf Sahiba

#15th_Day_in_Isolation

शिखा और संजना दोनों नर्सेज़ हैं।

=====================

दुर्लभ किताबों के PDF के लिए जानकी पुल को telegram पर सब्सक्राइब करें

https://t.me/jankipul

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify Radio Player With Playlist – Shoutcast and Icecast WordPress Widgets in WPBakery Page Builder Lana Two Factor with Telegram for WordPress Domina – Domain For Sale & Auction Plugin Google Maps With Multiple Markers Addon for WPBakery Page Builder Timetable Booking Schedule for WordPress Photography Addons for WPBakery Page Builder – Photobakery Body Calculators for WordPress: BMI, BFP, BAI, Body Fat, Ideal weight and others PayPal Button – PayPal plugin for WordPress WooCommerce Group Buy and Deals