अलेक्सान्द्र पूश्किन का 10 फ़रवरी 1837 को एक द्वंद्व युद्ध में गंभीर रूप से घायल होने के बाद केवल 38…
वसुधैव कुटुंबकम का नारा लगाना आसान है पालन करना मुश्किल!
प्रज्ञा मिश्रा ब्रिटेन में रहती हैं और समसामयिक मुद्दों पर जानकी पुल पर नियमित रूप से लिखती रहती हैं। इस…
देस: देशज संदर्भों का आख्यान
विनोद पदरज के कविता संग्रह ‘देस’ की समीक्षा युवा कवि देवेश पथ सारिया ने लिखी है। आप भी पढ़ सकते…
बने बनाए शिल्प को तोड़ता कथानक
अनुकृति उपाध्याय ने अपने पहले कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ से सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया था। उसके पास…
‘चौरी चौरा: विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन’ पुस्तक का अंश
1922 में आज के ही दिन क्रांतिकारियों ने चौरी चौरा में थाना फूंक दिया था। जिसके बाद महात्मा गांधी…
सरों के धड़ से जुड़ने की कथा: मृणाल पाण्डे
प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा सीरिज़ बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ की यह 27वीं कहानी है। शायद…
फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘तीन बिंदियाँ’
सोशल मीडिया पर थ्री डॉट्स की चर्चा की चर्चा गर्म है। याद आई फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘तीन बिंदियाँ’। रेणु…
अभिषेक ओझा के उपन्यास ‘लेबंटी चाह’ का एक अंश
अभिषेक ओझा का उपन्यास आया है ‘लेबंटी चाह’। यह उपन्यास एक ग्लोबल हो चुके बिहारी की स्मृतियों का कोलाज है।…
स्वरांगी साने की कहानी ‘फाइटर’
स्वरांगी साने की कहानी ‘फाइटर’ पढ़िए- ========================== काव्या ने लगभग भागते हुए आँगन का फाटक खोला, घर के दरवाज़े से…
मिट्टी में काम करते हुए समय जैसे स्थिर हो जाता है: सीरज सक्सेना
चित्रकार, सेरेमिक कलाकार सीरज सक्सेना के साथ कवि-संपादक राकेश श्रीमाल की बातचीत की किताब आई है ‘मिट्टी की तरह मिट्टी’।…



