आज राही मासूम रज़ा की पुण्यतिथि है। उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘टोपी शुक्ला’ का एक अंश पढ़िए और उनको याद…
हम अनाप-शनाप क्यों नहीं लिखते?
प्रदीपिका सारस्वत इन दिनों कुमाऊँ में रह रही हैं। वहीं से उन्होंने डायरीनुमा लिखकर भेजा है। जिसे उन्होंने नाम…
कलाकार जीवन भर एक ही कृति बनाता है: सीरज सक्सेना
जाने माने चित्रकार, सेरेमिक कलाकार, लेखक सीरज सक्सेना के साथ कवि-कला समीक्षक राकेश श्रीमाल की बातचीत की किताब आई है…
दलित लेखकों के मारक सवाल: सुरेश कुमार
युवा आलोचक सुरेश कुमार के लेख हम सब पढ़ते रहे हैं और उनकी दृष्टि के क़ायल भी रहे हैं। उनका…
तोताबाला ठाकोर के नाम एक खुला ख़त
हिंदीनेक्स्ट पर तोताबाला ठाकोर की कविताओं को पढ़कर उसके नाम एक खुला ख़त लिखा है ‘नीना आंटी’ की लेखिका अनुकृति…
साहिर की जन्मशती पर गुलज़ार का लेख
आज उर्दू के बड़े शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की जन्मशती है। आज टाइम्स आफ इंडिया में गुलज़ार ने उनके…
लोकगीतों का देहनोचवा दौर और लोकसंगीत की महिलाएं
आज महिला दिवस है। इस अवसर पर पढ़िए प्रसिद्ध लोक गायिका चंदन तिवारी का लिखा यह लेख- ============== लोक. यह…
जासूसीपन, थ्रिलरपन और रहस्यपन का रोचक कथानक ‘नैना’
संजीव पालीवाल के उपन्यास ‘नैना’ पर टिप्प्पणी जानी-मानी लेखिका नीलिमा चौहान ने लिखी है। एक रोचक और बेहद पठनीय उपन्यास…
स्मिता सिन्हा की नई कविताएँ
युवा कवयित्री स्मिता सिन्हा का कविता संग्रह आया है ‘बोलो न दरवेश’। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित इस कविता संग्रह की…
राजुला मालूशाही की कथा: मृणाल पाण्डे
हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ लिख रही थीं। यह 28 वीं…



