होली पर यह विशेष लेख जनाब सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ने लिखा है। होली कल बीत ज़रूर गई लेकिन इस लेख…
महेंद्र मधुकर की कुछ कविताएँ
महेंद्र मधुकर हिंदी के प्रोफ़ेसर रहे हैं, कवि-गीतकार-उपन्यासकार महेंद्र जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे हैं। आज पहली बार…
सतीनाथ भादुड़ी बनाम रेणु
सुलोचना वर्मा कविताएँ लिखती हैं, बांग्ला से हिंदी अनुवाद करती हैं और दोनों भाषाओं पर उनक समान अधिकार है। उनका…
वर्तमान भारत न गांधी के सपनों का भारत है और न लोहिया के सपनों का
आज समाजवादी नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए कुमार मुकुल की लिखी किताब ‘डॉ…
नो टू फ्री का आंदोलन अर्थात अनमोल बनाम बेमोल
नो टू फ़्री अभियान को लेकर कुछ बातें युवा लेखक रवींद्र आरोही ने की है। हिंदी समाज को लेकर कुछ…
नाटक कम्पनियों की कुम्भ यात्रा: गोपाल राम गहमरी(1927)
इन दिनों हरिद्वार में कुम्भ चल रहा है। पहले कुम्भ मेले में पारसी थिएटर कम्पनियाँ आती थीं, उनके नाटकों की…
युवा कवि गोलेंद्र पटेल की कविताएँ
आज किसान और किसानी जीवन पर कुछ चकित का देने वाली कविताएँ पढ़िए।इसके कवि गोलेन्द्र पटेल के बारे में इतना…
वर्तनी: कितनी लचीली, कितनी तनी
हिंदी वर्तनी पर यह एक ज़रूरी और बार बार पढ़ा जाने वाला लेख है जिसे कवि-पत्रकार अनुराग अन्वेषी ने…
आशकारा खानम कश्फ़ की नज़्म ‘डर तो लगता है’
आज पढ़िए उर्दू की संजीदा शायरा आशकारा खानम कश्फ़ की नज़्म- =================================== डर_तो_लगता_है डर तो लगता है कोई पूछे…
विनीता परमार की कहानी ‘विसर्जन’
विनीता परमार पेशे से अध्यापिका हैं। स्त्री जीवन के जद्दोजहद को कहानियों में ढालती हैं। आज उनकी ताज़ा कहानी पढ़िए-…



