इरशाद खान सिकंदर की भोजपुरी ग़ज़लें और नज़्म

आज इरशाद ख़ान सिकंदर की कुछ ग़ज़लें और नज़्म भोजपुरी में पढ़िए-
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 1
हम मान भी लीं लेकिन आसार त कम बाटे
जे पीही उहे जीही कुदरत के नियम बाटे
 
पी जाला अन्हरिया के सूरज भी शराबी ह
बा चंदवो शराबी पर उम्मीद से कम बाटे
 
हम ओही घड़ी खोलब आवाज़ के दरवाज़ा
जब लागी खुदे हमके अब बात में दम बाटे
 
प्याला के लेखा लागे महबूब के दूनों होंट
जे पीए सफल ओकर कुल सातो जनम बाटे
 
हम बानी नया नाया इरशाद मुहब्बत में
का होई कि अब आगे पत्थर के सनम बाटे
 
2
दिल में हलचल मचवले बा का हो?
चाँद पागल बनवले बा का हो?
 
एतना बेकल तू कहवाँ जा तारा
केहू अँखिया बिछवले बा का हो?
 
तू अकेले में मुस्कुरा तारा
फूल, बिजली गिरवले बा का हो?
 
गोड़ थिरके के समझीं का मतलब
नाच,नेहिया नचवले बा का हो?
 
काहे अचके में तूँ चिंहुक गइलs
नींद सपना उड़वले बा का हो
 
3
घड़ी भर घाव के पथराव टल जाला कि ना बोला
चनरमा देखके मनवा बहल जाला कि ना बोला
 
नया बानी मुहब्बत में त सोचलीं पूछ लीं तोंहसे
मिलन के हाल दुनिया से कहल जाला कि ना बोला
 
केहू अचके में बिन बोलले कलेजा काढ़ के ले जाय
त अइसन हाल में दुनिया बदल जाला कि ना बोला
 
मोहब्बत के तरफ अपने क़दम आगे बढ़ल त का
खेलौना देखिके बच्चा मचल जाला कि ना बोला
 
अगर मुट्ठी में इच्छा बा त केहू रोक ना पावे
जदी हो रेत त छन में फिसल जाला कि ना बोला
4
 
ख़्वाहिश बा कवनो अइसने जादू देखाइ दे
हम देखीं आइना त उहे ऊ देखाइ दे
 
अइसे उ हमरा याद में आवस कभो कभो
जइसे अन्हरिया रात में जुगनू देखाइ दे
 
बाटे हो रोम रोम में खुशबु वो फूल के
चाहेला मन कि सामने खुशबु देखाइ दे
 
अइसे भी ज़िन्दगी में त आवेला कतना लोग
जइसे केहू के आँखि में आंसू देखाइ दे
 
बुझिह s कि ऊहे बाटे हो इरशाद के गजल
भोजपुरिया रंग में जब कभो उर्दू देखाई दे
 
5
दुनिया अभी बनल बाटे (नज़्म)
 
समय के आँख पे ऐनक लगाके राती हम
उलट पुलट के तनी देर जिंदगी के किताब
पढ़त पढ़त ही कई साल पीछे चल गइनीं
जहाँ पहुँच के कहानी में चाँद सुन्नर बा
भरल अकाश में बिखरल छटा बा सतरंगी
मिलन के राग मुहब्बत से गावेले भुइँया
नदी पहाड़ समुंदर मिलावें सुर में सुर
समूचा सृष्टि मेहरबान बाटे हमनी पर
बुझाये जइसे कि दुनिया अभी बनल बाटे
बुझाये जइसे कि ……
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