होमर द्वारा लिखी प्राचीन ग्रीक महाकाव्य ओडिसी पर हाल में ही क्रिस्टोफ़र नोलन की फ़िल्म आई है- द ओडिसी। इस…
Category: फिल्म समीक्षा
माइकल: एक मिथक, एक बच्चा और एक अधूरी कहानी
हाल में ही प्रसिद्ध गायक-परफ़ॉर्मर माइकल जैक्सन की बायोपिक आई है- माइकल। इस बायोपिक पर यह विस्तृत टिप्पणी पढ़िए। माइकल…
बूंग: आकांक्षा का भूगोल, स्वावलंबन की राजनीति और एक वैश्विक मान्यता
मणिपुरी भाषा की फ़िल्म बूँग को ब्रिटिश अकेडेमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स(BAFTA) का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। लक्ष्मीप्रिया देवी…
दशावतार, दिलीप प्रभावलकर और ऑस्कर
मराठी भाषा की किसी फ़िल्म को पहली बार ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के प्रतिस्पर्धा वर्ग में स्थान मिला है, फ़िल्म…
होमबाउंड: साथ… पर अलग
नीरज घेवान की फ़िल्म ‘होमबाउंड’ को इस बार भारत की तरफ़ से ऑस्कर के लिए भेजा गया है। फ़िल्म की…
चार्ली चैप्लिन की फ़िल्म ‘द गोल्ड रश’ के सौ साल
चार्ली चैप्लिन की फ़िल्म द गोल्ड रश के सौ साल हो गये। इस फ़िल्म पर पढ़िए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर का…
यतीश कुमार द्वारा \’दराज़ों में बंद ज़िंदगी\’ की काव्यात्मक समीक्षा
काव्यात्मक समीक्षा के लिए यतीश कुमार को किताबें चुनती रही हैं। इस बार उनको चुना है जानकी पुल शशिभूषण द्विवेदी…



