‘कविता शुक्रवार’ के इस अंक में बसंत त्रिपाठी की कविताएं और सफदर शामी के चित्र शामिल हैं। बसंत त्रिपाठी का…
हिंदी को नवजीवन कैसे मिले!
हिंदी दिवस आने वाला है। हिंदी की दशा दिशा को लेकर गम्भीर चर्चाएँ हो रही हैं। क्या खोया? क्या पाया?…
प्रेमाकुल रागमंजरी और दुनियादार काममंजरी गणिकाओं की कथा: मृणाल पाण्डे
‘बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथा’ प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा ऋंखला है जिसमें वह हिंदी-संस्कृत की कथा-परम्परा की…
‘द होली फ़िश’: विस्थापन के बीच अकेली स्त्री का शोकगीत
पिछले दिनों एक ओटीटी मंच पर विमलचंद्र पाण्डेय की फ़िल्म ‘द होली फ़िश’ रिलीज़ हुई, जिसका पता इस लेख में…
कविता शुक्रवार 13: यतीश कुमार की कविताएँ संजू जैन के चित्र
कविता शुक्रवार के इस अंक में यतीश कुमार की कविताएं और संजू जैन के चित्र शामिल हैं।यतीश कुमार (चार्टर्ड इंजीनियर…
न कोई वास्को डि गामा होता न कोलंबस और न कोई इब्ने बतूता!
प्रज्ञा मिश्रा ने प्रवास के अनुभवों को लेकर बहुत दार्शनिक लेख लिखा है। वह इंग्लैंड में रहती हैं और जानकी…
उन्नीसवीं शताब्दी ‘स्त्री दर्पण’ और स्त्री शिक्षा
सुरेश कुमार 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 20 वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में स्त्रियों से जुड़े विषयों पर लगातार…
हमारा सिनेमा और कहानियाँ बदल रही हैं
हाल में ओटीटी प्लेटफ़ोर्म पर प्रदर्शित कुछ फ़िल्मों, वेब सीरिज़ को लेकर यह लेख लिखा है भूमिका सोनी ने। भूमिका दिल्ली…
समाप्ति: सेल्यूलाइड पर विशुद्ध जादुई यात्रा
सत्यजित राय की फ़िल्म पर यह लेख मूल रूप से अंग्रेज़ी में सत्य चैतन्य ने लिखा है जिसका हिंदी अनुवाद…
युवक क्या तुम शिक्षक बनोगे: शिक्षक-आंदोलन की चुनौतियाँ
आज शिक्षक दिवस है। आज पढ़ते हैं एक ऐसे अध्यापक की पुस्तक के अंश जिन्होंने उत्तर बिहार में नेपाल की…



