कवि वीरेन डंगवाल का स्मरण

आज कवि वीरेन डंगवाल की पुण्यतिथि है। उनको स्मरण करते हुए यह टिप्पणी की है कवि-कथाकार-पत्रकार हरि मृदुल ने- ===============…

ज़रूरी सवालों और संकटों को संबोधित करती कहानियां:संजीव कुमार

अशोक कुमार पांडेय को लेखक के रूप में मैं उनकी इस कहानी के लिए भी याद रखता हूँ, ‘इस देश…

हमें अपनी भाषाओं की ओर लौटना ही पड़ेगा

आत्मनिर्भरता का संबंध मातृभाषा से भी है। अशोक महेश्वरी ने अपने इस लेख में यह बताने की कोशिश की है…

कविता शुक्रवार 15: हृदयेश मयंक की कविताएं बसंत भार्गव के चित्र

  इस बार की प्रस्तुति में हृदयेश मयंक की कविताएं और बसंत भार्गव के चित्र शामिल हैं। हृदयेश मयंक का…

सोशल मीडिया की असलियत बताने वाली फ़िल्म है ‘द सोशल डिलेमा’

प्रज्ञा मिश्रा ब्रिटेन में रहती हैं और समय-समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर जानकी पुल पर नियमित लिखती हैं। उनकी…

अलविदा सीमा घुरैया: सीरज सक्सेना

देश की ख्यातनाम चित्रकार सीमा घुरैया 22 सितम्बर की शाम अपनी उस अनन्त यात्रा में चली गईं, जहाँ से वे…

मेरे गाँव से दिल्ली का रास्ता अमरोहे से होकर जाता है

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पेशे से पुलिस अधिकारी हैं मिज़ाज से शायर। इस लेख में उन्होंने याद किया है नश्तर अमरोहवी…

मृणाल पाण्डे की कथा ‘नकाबपोश नकटापंथ की उत्थान-पतन कथा’ 

पुरानी लोककथाओं की शैली में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे कथा सीरिज़ लिख रही हैं ‘बच्चों को न सुनाने लायक़ बालकथाएँ’।…

आत्मनिर्भरता का  लक्ष्य और मातृभाषा में शिक्षा

अशोक महेश्वरी का यह लेख भारतीय भाषाओं में शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लक्ष्य करके लिखा गया है। इस लेख में…

पुस्तक ‘ल्हासा नहीं…लवासा’ का एक अंश

प्रस्तुत है सचिन देव शर्मा की पुस्तक ‘ल्हासा नहीं… लवासा’ का अंश।सचिन देव शर्मा पेशे से एचआर प्रोफेशनल हैं और…

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