अनुराग अन्वेषी मूलतः पत्रकार रहे हैं, लेकिन उनके अंदर एक संवेदनशील कवि भी है जो समाज की विसंगतियों पर समय…
गीताश्री की कहानी ‘आवाज़ दे कहाँ है!’
आज पुलिस एनकाउंटर को लेकर बहस हो रही है। वरिष्ठ लेखिका गीताश्री की इस कहानी के कथानक में पुलिस एनकाउंटर…
मिखाइल बुल्गाकोव के लघु उपन्यास का अनूदित अंश ‘ज़िंदा पॉरिज’
रशियन भाषा के प्रसिद्ध लेखक मिखाइल बुल्गाकोव को ‘मास्टर एंड मार्गरीटा’ के लेखक के रूप में जाना जाता है, उनके एक…
लवली गोस्वामी के नए संग्रह की कुछ कविताएँ
लवली गोस्वामी मेरी पसंदीदा कवयित्रियों में रही हैं। अभी उनका नया संग्रह आया है ‘उदासी मेरी मातृभाषा है’, जिसकी भूमिका…
लेखिका वंदना टेटे को पांचवां शैलप्रिया स्मृति सम्मान
राँची से दिए जाने वाले प्रतिष्ठित शैलप्रिया स्मृति सम्मान की घोषणा हो गई है। पाँचवाँ सम्मान झारखंड की प्रसिद्ध लेखिका…
क्योंकि रेप भी एक सियासत है
हैदराबाद में बलात्कार और हत्या की अमानवीय घटना ने देश भर की संवेदना को झकझोर दिया है। हमारा समाज आगे…
चुन-चुन खाइयो मांस: आमिस
असमिया भाषा की फ़िल्म ‘आमिस’ पर यह टिप्पणी युवा लेखक-पत्रकार अरविंद दास ने लिखी है- मॉडरेटर ============== एक बार मैं…
क्यों नहीं हो रहा हिंदी में इतिहास-लेखन
जाने-माने इतिहासकार रजीउद्दीन अक़ील ने इस लेख में बहुत गम्भीर सवाल उठाया है कि इतिहास लेखन हिंदी में क्यों नहीं…
रितुपर्णो घोष की फ़िल्म ‘शुभो मुहूर्त’ पर विजय शर्मा का लेख
रितुपर्णो घोष की फ़िल्में उपन्यास की तरह होती हैं। किसी क्लासिक उपन्यास की तरह बार बार थोड़ा-बहुत देखने लायक़। ‘शुभो…
श्वेता मिश्र की कहानी ‘नाइजीरिया, नोरा और अजगर’
श्वेता मिश्र लागोस नाइजीरिया में रहती हैं। कहानियाँ लिखती हैं। इनकी कई कहानियाँ प्रकाशित भी हो चुकी हैं। यह एक…



