गौतम राजऋषि भारतीय सेना में कर्नल हैं लेकिन हम हिंदी वालों के लिए वे शायर हैं, ‘हरी मुस्कुराहटों का कोलाज’…
‘एक सेक्स मरीज़ का रोगनामचा: सेक्स ज़्यादा अश्लील है या कला जगत’ की समीक्षा
प्रसिद्ध कला एवं फिल्म समीक्षक विनोद भारद्वाज ने कला जगत को लेकर दो उपन्यास पहले लिखे थे. हाल में…
कोलकाता में आयोजित ‘लिटरेरिया -2018’ की एक रपट
कोलकाता में आयोजित होने वाले साहित्यिक आयोजन लिटरेरिया का यह दूसरा साल था. इस साल भी लेखकों-पाठकों की अच्छी भागीदारी…
लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक अब पेंग्विन रैंडम हाउस इण्डिया से
हिंदी लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रसिद्ध विमल सीरीज की आगामी दो किताबें अब हिंद पॉकेट बुक्स से…
किताबों का साल अनुवाद का हाल
हिंदी में अनुवाद के पाठक बढ़ रहे हैं और चुपचाप उसका बाजार भी तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसी…
विनीता परमार की कुछ कविताएँ
आज पढ़िए विनीता परमार की कविताएँ- मॉडरेटर ============= *नहीं की मैंने कोई यात्रा* 1. अंतहीन प्रतीक्षा की सरलता कितनी…
‘इमा’ तुझे रोके है , रोके है मुझे ‘बेटी’
मणिपुर की राजधानी इम्फाल का इमा बाजार, जहाँ सिर्फ महिलायें बाजार लगाती हैं. उसके बारे में एक जीवंत टेक्स्ट लिखा…
‘तमाशा’ प्रेम की कहानी है या रोमांस की
तीन साल पहले आज के ही दिन इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘तमाशा’ पर युवा लेखिका सुदीप्ति ने यह लेख लिखा…
भारतीय भाषाओं में इतिहास-लेखन की परम्पराएँ और चुनौतियाँ (हिंदी के विशेष सन्दर्भ में)
मध्यकालीन इतिहास के विद्वान रज़ीउद्दीन अक़ील ने भारतीय भाषाओं में इतिहास लेखन को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया है. आजकल…
निर्मल वर्मा को जब भी पढ़ती हूँ तो चकित होती हूँ- ममता सिंह
रेडियो की प्रसिद्ध एंकर ममता सिंह की कहानियां हम सब पढ़ते रहे हैं. हाल में ही राजपाल एंड संज प्रकाशन…



