‘चाहे हमें कारतूस से मार दिया जाए लेकिन हम समाज की बुराई को लगातार उठाते रहेंगे’

सुरेश कुमार लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधार्थी हैं. उन्होंने नवजागरणकालीन पत्रकारिता पर लिखते हुए इस लेख में यह…

लेखकों को ‘चीयर अप’ करने के लिए पुस्तक विमोचन पार्टी में कोई हर्ज नहीं है!

  पुस्तक विमोचन संस्कृति पर लेखक महेंद्र राजा जैन का यह लेख आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित…