गौतम राजऋषि के कहानी संग्रह ‘हरी मुस्कुराहटों वाला कोलाज’ पर कल यतीन्द्र मिश्र जी ने इतना आत्मीय लिखा कि उसको…
‘दूसरा इश्क’ की पहली ग़ज़लें
युवा शायर इरशाद खान सिकंदर के पहले इश्क का तो पता नहीं लेकिन उनका ‘दूसरा इश्क’ हाल में ही नुमाया…
कोरियाई उपन्यास ‘द वेजेटेरियन’ और अनुवाद को लेकर कुछ बातें
कोरियन भाषा की लेखिका हान कांग को उनके उपन्यास ‘द वेजेटेरियन’ को प्रतिष्ठित मैन बुकर प्राइज मिला तो इस किताब…
सुरेन्द्र मोहन पाठक और उनके पाठकों की दुनिया: कुछ अनछुए पहलू
सुरेन्द्र मोहन पाठक के आत्मकथा का पहला खंड ‘न बैरी न कोई बेगाना’ बाजार में आने वाला है. उनके पाठकों…
चिनार के झड़ते पत्ते और कोरिया की रानी री
प्रवीण झा नौर्वे में रेडियोलोजिस्ट हैं. शायद ही कोई ऐसा विषय है जिसके ऊपर वे न लिखते हों. इस बार…
सुरेन्द्र मोहन पाठक और ‘न बैरी न कोई बेगाना’
हिंदी क्राइम फिक्शन के बेताज बादशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा ‘न बैरी न कोई बेगाना’ का लोकार्पण जयपुर लिटरेचर…
महात्मा गांधी की प्रिय पुस्तकों की सूची
महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट ‘हिंदी समय’ पर तेजी ईशा ने उन पुस्तकों की सूची प्रस्तुत की…
भविष्य का भयावह कथानक है ‘रेखना मेरी जान’
‘रेखना मेरी जान’– रत्नेश्वर सिंह के इस उपन्यास की छपने से पहले जितनी चर्चा हुई छपने के बाद इसके अलग…
पद्मावत – ऐतिहासिक गल्पों की सबसे मज़बूत नायिका की कहानी
पद्मावत फिल्म को अपने विरोध-समर्थन, व्याख्याओं-दुर्व्यख्याओं के लिए भी याद किया जायेगा. इस फिल्म पर एक नई टिप्पणी लिखी है…
फिल्म में लड़ाई पद्मावती के लिए नहीं बल्कि पद्मावती से है
इसमें कोई शक नहीं कि हाल के दिनों में सबसे अधिक व्याख्या-कुव्याख्या संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर…



