बहुत दिनों बाद कश्मीर पर कुछ अच्छी कविताएँ पढ़ी. कुछ कुछ अपने प्रिय कवि आगा शाहिद अली की याद आ…
रहस्य-अपराध की दुनिया और हिन्दी जगत का औपनिवेशिक दौर
इतिहासकर अविनाश कुमार का यह लेख हिंदी के लोकप्रिय परिदृश्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का बहुत बढ़िया आकलन है. अविनाश जी…
ललित लवंगलतापरिशीलन कोमल मलय शरीरे!
आज वसंतपंचमी है. इस मौके पर युवा लेखक विमलेन्दु का यह लेख- मॉडरेटर ======================================== गीता के सातवे अध्याय के ग्यारहवें…
उपासना झा की कहानी ‘सारा आकाश’
इधर युवा लेखिका उपासना झा की रचनाओं ने सबका ध्यान आकर्षित किया है. विषय, भाषा, संतुलन, भाषा का संयम. उनकी…
‘ब्रह्मभोज’ पर उपासना झा की टिप्पणी
सच्चिदानंद सिंह के कहानी संग्रह ‘ब्रह्मभोज’ पर युवा लेखिका उपासना झा की टिप्पणी पढ़िए- मॉडरेटर ================================================ हिंदी-साहित्य में लगातार बिना शोर-शराबे…
‘बहत्तर धडकनें तिहत्तर अरमान’ और एक समीक्षा
समकालीन पीढ़ी की सिद्धहस्त लेखिका आकांक्षा पारे काशिव का कहानी संग्रह आया है ‘बहत्तर धडकनें तिहत्तर अरमान’. आकांक्षा चुपचाप अपना…
सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘मंझधार’
सुशील कुमार भारद्वाज युवा लेखक हैं, हाल में उन्होंने कुछ अच्छी कहानियां लिखी हैं. उनकी कहानियों का एक संकलन किन्डल पर…
मिथिलेश कुमार राय का उपन्यास-अंश ‘करिया कक्का की आत्मकथा’
मिथिलेश कुमार राय ग्रामीण जीवन को लेकर बहुत जीवंत लेखन करते हैं. उसकी राजनीति से अलग उसके जीवन को सहज…
पंखुरी सिन्हा की कुछ कविताएँ
पंखुरी सिन्हा की कुछ कविताएँ और उनके ऊपर राकेश धर द्विवेदी की टिप्पणी- मॉडरेटर ============================================ पुश्तैनी संपत्ति का हिसाब इतना…
‘ देह ही देश ‘ स्त्री यातना का लोमहर्षक दस्तावेज़ है
गरिमा श्रीवास्तव की किताब ‘देह ही देश’ पर यह टिप्पणी कवयित्री स्मिता सिन्हा ने लिखी है. यह किताब राजपाल एंड…



