आज अरुण चन्द्र रॉय की कविताएँ. अरुण चन्द्र रॉय अनुवादक हैं, प्रकाशक हैं लेकिन मूलतः कवि हृदय हैं. अपने समकाल…
बंदे में दम था इतना तो उसके विरोधी भी मानते हैं!
आज अपने विद्वान साथी मनोज कुमार की फेसबुक वाल से पता चला कि कार्ल मार्क्स का जन्मदिन है. उन्होंने बहुत…
सीता होना इतना आसान भी नहीं होता
कल जानकी जयंती मेरे शहर में दीवाली की तरह मनाई गई. पहले इतने आयोजन नहीं होते थे लेकिन इस बार…
वक़्त तय करेगा कि बसने से पहले और कितनी बार उजड़ना है उसे
आज पहली बार स्मिता सिन्हा की कविताएँ जानकी पुल पर. स्मिता जी की कविताएँ पत्र पत्रिकाओं में नियमित रूप से…
सीता सही मायने में धरती पुत्री थीं
सुबह मैंने सीता जयंती के मौके पर देवदत्त पट्टनायक की किताब ‘सीता के पांच निर्णय’ का एक प्रसंग साझा किया…
सीता जयंती पर सीता को याद करते हुए
आज सीता जयंती है. मेरे शहर सीतामढ़ी में सीता जयंती का आयोजन धूमधाम से किया जाता है. मैं यहाँ देवदत्त…
क्या बच्चों को अश्लील साइट्स देखने से रोक पाना संभव है?
आजकल बच्चे कम उम्र से ही स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन क्या हम ऑनलाइन अवांछित कंटेंट तक पहुँच…
धड़का था दिल कि प्यार का मौसम गुज़र गया
नश्तर ख़ानक़ाही एक बेचैन रूह का नाम है। जिसने अपनी शायरी से न सिर्फ़ उर्दू अदब की ख़िदमत की, बल्कि…
भारतीय सिनेमा के इतिहास को संघ लोकसेवा आयोग के सवाल की तरह याद नहीं किया जाना चाहिए
आज के दिन पहली बार कोई भारतीय फिल्म आम जनता के लिए पहली बार प्रदर्शित हुई थी. वह फिल्म थी…
हुसैन हक्क़ानी की किताब में हिन्दुस्तान-पाकिस्तान
हिन्दुस्तान और पाकिस्तान में दुश्मनी बढती जा रही है. दोस्ती की गुंजाइश कम होती जा रही है. जगरनॉट से प्रकाशित हुसैन…



