जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में एमफिल के छात्र राजकुमार ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविता में जागरण और मुक्ति की चेतना को लेकर…
रमा भारती की कविताएँ
हिंदी में किसी भी विषय पर कविता-सीरीज लिखने की परम्परा रही है। ‘चिनार’ रमा भारती के कविता संग्रह का…
मुक्ति-भवन – मोक्ष का वेटिंग रूम
कुछ फ़िल्में ऐसी होती है जो लीक से हटकर होती हैं। जिसे कुछ ख़ास तरह के लोग पसंद करते हैं।…
भारतीय रेल में आपका स्वागत है
आज रेल दिवस है और संयोग से मैं रेल में हूँ। मैंने रेल यात्राएँ बहुत कम की हैं। उस पर…
कश्मीर और सेना की पृष्ठभूमि में एक कहानी ‘इक तो सजन मेरे पास नहीं रे…’
गौतम राजऋषि सेना में कर्नल हैं. ‘पाल ले इक रोग नादां’ जैसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह के शायर हैं. यह कहानी…
चैप्लिन इस दुनिया के पिछवाड़े पर पड़ी हुई एक लात हैं
आज चार्ली चैपलिन की जयंती है. चैपलिन अपनी फिल्मों में तानाशाहों का मजाक उड़ाते रहे, उनके विद्रूप को दिखाते रहे.…
अनुराग अन्वेषी की लघु-लघु कविताएँ
आज कुछ छोटी छोटी कविताएँ अनुराग अन्वेषी की. पेशे से पत्रकार अनुराग जी जनसत्ता अखबार में काम करते हैं. स्वान्तः…
उपासना झा की कहानी ‘अब जब भी आओगे’
पिछले कुछ समय में उपासना झा की कविताओं, कहानियों ने हिंदी के पाठकों, लेखकों, आलोचकों सभी को समान रूप से…
युवा शायर #6 विपुल कुमार की ग़ज़लें
युवा शायर सीरीज में आज पेश है विपुल कुमार की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ================================================== ग़ज़ल–1 जल्द आएँ जिन्हें सीने से…
महापंडित राहुल और वोल्गा की रात
आज महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 54 वीं पुण्यतिथि है. हिंदी में उनके जितना विविध और विपुल लेखन शायद ही किसी…



