रेणु के उपन्यास ‘परती परिकथा’ पर आलोचक मदन सोनी का लेख

अभी कुछ दिनों पहले लन्दन में रहने वाले एक तथाकथित लेखक ने फणीश्वरनाथ रेणु का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि…

गाँव-घर के कवि मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ

मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ पढता हूँ तो गाँव-घर याद आ जाता है. कुछ आप भी पढ़िए- मॉडरेटर =============================================  सूखना…

प्रेम में डूबी सब स्त्रियाँ महुआ घटवारिन क्यों हो जाती हैं?

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर बनी फिल्म ‘तीसरी कसम’ के ऊपर बहुत अच्छा लेख लिखा है युवा लेखिका उपासना झा…

‘ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया’ के शायर की आज पुण्यतिथि है

शाइरों में तख़ल्लुस रखने का चलन जाने कब से शुरू हुआ क्या पता, पर क़ायम आज भी है। एक और…

कृष्णा सोबती के उपन्यास ‘गुजरात पाकिस्तना से गुजरात हिन्दुस्तान’ से एक अंश

हिंदी की वरिष्ठ लेखिका कृष्णा सोबती का आत्मकथात्मक उपन्यास आया है ‘गुजरात पाकिस्तान से गुजरात हिन्दुस्तान’. पुस्तक का प्रकाशन राजकमल…

क्या ब्रजेश्वर मदान को भुला दिया जाना चाहिए?

‘जानकी पुल’ पर शशिभूषण द्विवेदी के लिखे लेख ‘बर्बाद जीनियस थे ब्रजेश्वर मदान’ की टिप्पणी में ब्रजेश्वर मदान के भतीजे…

ब्रजेश्वर मदान की अंतिम प्रकाशित कविताएँ

अद्वितीय गद्यकार ब्रजेश्वर मदान के मरने की खबर आज जानकी पुल पर उनके भतीजे आदित्य मदान के एक कमेन्ट के…

दीक्षांत के साथ जीवन की शिक्षा का आरम्भ होता है!

दीक्षांत समारोह आम तौर पर विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के समापन के पश्चात आयोजित किया जाता है. आम तौर पर…

कहानी कहने वाला इक कहानी की कहानी है

कहानी सुनने वाले जो भी हैं वो ख़ुद कहानी हैं कहानी कहने वाला इक कहानी की कहानी है – जौन…

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