दो दिनों से कविता-शविता को लेकर अभूतपूर्व बहस छिड़ी हुई. इस कविता के मौसम में आज कुछ सरप्राइज कवितायेँ जे…
शुभम श्री की भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार प्राप्त कविता “पोएट्री मैनेजमेंट”
शुभम श्री की कविता पर पहली बार बहस नहीं हो रही है. उसकी कविता ‘बुखार, ब्रेक अप आई लव यू’…
सुश्री श्री श्री की कविताएं
कुछ कवियों, कुछ कविताओं को पढना आध्यात्मिक सुकून देता है. सुश्री श्री श्री का नाम छद्म है लेकिन इससे क्या…
प्रेमचन्द के नाम शहरी बाबू की पाती
धर्मग्रंथों के बाद हिंदी में सबसे अधिक उनकी रचनाएँ पढ़ी गईं और धार्मिक कथा-लेखकों-कवियों के बाद वे हिंदी समाज के…
नामवर सिंह का सम्मान हिंदी का सम्मान है!
मुझे याद आ रहा है कि एक बार ‘कथादेश’ पत्रिका के एक कार्यक्रम में उत्तर-आधुनिक विद्वान सुधीश पचौरी ने नामवर…
सुरेन्द्र मोहन पाठक क्यों हिंदी लोकप्रिय लेखन के शिखर हैं?
जब मैं यह कहता हूँ कि सुरेन्द्र मोहन पाठक हिंदी के सबसे लोकप्रिय लेखक हैं तो उसका मतलब यह लिखना…
सुरेन्द्र मोहन पाठक की ‘कलम-मसि’ यात्रा और लोकप्रिय बनाम गंभीर की बहस
23 जुलाई को पटना में हिंदी की दुनिया में बदलाव के एक नए दौर की शुरुआत का दिन था. निर्विदाद…
मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘स्वप्नपाश’ का एक अंश
स्वप्नपाश का एक अंश हाल में ही मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास आया है ‘स्वप्नपाश’. मनीषा हर बार एक नया विषय…
शशि कपूर की ‘असीम’ जीवनी
इससे पहले राजेश खन्ना की जीवनी पढ़ी थी. यासिर उस्मान की लिखी हुई. आजकल फ़िल्मी कलाकारों की जीवनियों का…
रजनी मोरवाल की कहानी ‘खूबसूरत फूल के लिए’
रजनी मोरवाल के कहानी संग्रह ‘कुछ तो बाकी है’ के प्रकाशन के बाद से उनकी कहानियों की खूब चर्चा हो…



