दीवाली से छठ तक बिहार में आज भी एक उत्सव का माहौल बना रहता है. साल भर लोग इन्तजार करते…
पाकिस्तान ना हुआ मानो सगी ख़ाला घर हो गया
बहुत दिनों बाद सदफ़ नाज़ ने व्यंग्य लिखा है. और क्या लिखा है! तंजो-ज़ुबान की कैफियत पढने लायक है- मॉडरेटर …
थी कोई आवाज या सचमुच खुदा
आज महान लोक गायिका रेशमा की पुण्यतिथि है. उनको याद करते हुए लेखिका, गायिका मालविका हरिओम ने यह दिल को…
अंकिता आनंद की आठ कविताएं
हिंदी में लिखने वाले ऐसे कवि-कवयित्रियों की तादाद बढ़ रही है कविता जिनके लिए कैरियर नहीं है, कुछ पाने की…
अवधेश प्रीत और ‘चाँद के पार एक चाभी’
अवधेश प्रीत हमारे दौर के एक जरूरी लेखक हैं. पिछले दिनों उनकी एक कहानी ‘हंस’ में आई थी- ‘चाँद के…
गोपालराम गहमरी के भारतेंदु हरिश्चन्द्र
इस वर्ष एक बहुत अच्छी पुस्तक आई- ‘गोपालराम गहमरी के संस्मरण’. संपादन किया है संजय कृष्ण ने. इस पुस्तक में जासूसी…
नारंगी देश? या हरा देश? खूनी देश? या शांत?
कविता कई बार हमारी बेचैनियों को, हमारी चिंताओं को भी आवाज देती है. देश-समाज पर चिंता करने की एक शैली.…
राजनीति की चालें और लेखक!
मुझे पुण्यप्रसून वाजपेयी की वह बात अक्सर याद आती है जो उन्होंने बहुत पहले मुझे साक्षात्कार देते हुए कही थी.…
या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता!
विजयादशमी के बहाने एक लेख लिखा है- प्रभात रंजन ===================================== ब्रिटिश लेखिका एलिस एल्बिनिया ने कुछ साल पहले महाभारत की…
तुम्हारी लिखी हमारी प्रेम कविता डिलीट हो गई
1 तकनीक, आभासी दुनिया ने हमारे संबंधों के संसार को बदल कर रख दिया है. प्रेम का एक नया…



