हाल में ही एक काव्य-पुस्तक हाथ आई- ‘अंतरा’. कवि का नाम पढ़कर ध्यान ठहर गया- विश्वनाथ. श्री विश्वनाथ जी का…
जलेस से कुछ सवाल
मार्क्सवादी आलोचक अरुण माहेश्वरी ने जनवादी लेखक संघ को लेकर कुछ बहसतलब सवाल उठाये हैं. पढ़िए और विचार कीजिए- मॉडरेटर …
‘पाप के दस्तावेज’ बनाम ‘पुण्य का साहित्य’
‘कादम्बिनी’ पत्रिका के दिसंबर अंक में गंभीर साहित्य बनाम लोकप्रिय साहित्य पर मेरा लेख प्रकाशित हुआ है. आपके लिए- प्रभात…
ऋत्विक घटक का सिनेमा और ‘मेघे ढाका तारा’
ऋत्विक घटक की महान फिल्म ‘मेघे ढाका तारा‘ के बहाने उनकी सिनेमाई पर सैयद एस. तौहीद ने एक अच्छा लेख…
रस्किन बांड की कहानी ‘पुखराज’
आज रस्किन बांड की एक सिग्नेचर कहानी, जिसका बड़ा सुन्दर अनुवाद किया है रश्मि भारद्वाज ने- मॉडरेटर ======== हिमालय की…
पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ की चुनिन्दा ग़ज़लें और शेर
इंदौर में पाकिस्तान की शायरा अम्बरीन हसीब ‘अम्बर’ को सुनने-जानने का मौका मिला. तरक्कीपसंद उर्दू शायरी पर पीएच.डी. करने वाली…
पेरिस हमला और इसके बाद !
पेरिस में हुए आतंकी हमले और उसके पहले-बाद की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर जाने-माने लेखक अरुण माहेश्वरी ने बड़ा तर्कपूर्ण…
आइस-कोटेड सपनों का एक घर हम भी बना लेंगे
हिंदी कविताओं में कितने प्रयोग हो रहे हैं, उनकी भाषा को लेकर कितना काम हो रह है यह पत्र-पत्रिकाओं को…
‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास कहीं फेल’ का एक अंश
इन दिनों युवा लेखक शशिकांत मिश्र के उपन्यास ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास कहीं फेल’ की सुगबुगाहट सुनाई दे रही…
बाल दिवस पर डॉ मधु पंत की कुछ कविताएँ
जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है. यह समय उनको विशेष रूप से…



