सुकृता पॉल कुमार ने इतनी विधाओं में इतना अच्छा काम किया है कि उनके किसी भी एक रूप का परिचय…
क्रोध भाव और रौद्र रस : विश्व की महान फ़िल्में
इधर हम फिल्मों के वाद-विवाद में लगे हुए थे आईआईटी पलट युवा लेखक प्रचंड प्रवीर रस सिद्धांत के आधार पर…
कलावंती की कविताएं
जानकी पुल पर साल की शुरुआत करते हैं कुछ सादगी भरी कविताओं से. कलावंती की कविताओं से. कलावंती जी की…
बातों-मुलाकातों में मनोहर श्याम जोशी
मनोहर श्याम जोशी की किताब ‘बातें-मुलाकातें: आत्मपरक-साहित्यपरक’ मेरे पास मार्च से है लेकिन इसके ऊपर लिख आज रहा हूँ. यही…
रामजी तिवारी की नई कविताएं
साल के आखिरी कुछ दिन बचे हैं. मैं कुछ नहीं कर रहा. कविताएं पढ़ रहा हूँ. जो अच्छी लगती हैं…
गिरिराज किराडू की नई कविताएं
गिरिराज किराडू मेरी पीढ़ी के उन कवियों में हैं जिनकी कविताओं ने मुझे हमेशा प्रभावित किया है. उनका अपना एक…
बीतता साल और हिंदी किताबों के नए ट्रेंड्स
हिंदी किताबों की दुनिया में पाठकों से जुड़ने की आकांक्षा पहले से बढ़ी है, इस दिशा में पहले भी प्रयास…
हँसी-मजाक में गंभीर सन्देश देती फिल्म है ‘पीके’
कवयित्री अंजू शर्मा ने फिल्म ‘पीके’ पर एक सम्यक टिप्पणी की है. फिल्म के बहाने उसके आगे-पीछे उठने वाले सवालों…
पाठक की भूख को शांत करने वाला साहित्य वार्षिकांक ‘दीप भव’
‘लोकमत समाचार’ की साहित्य वार्षिकी ‘दीप भव’ का इन्तजार बना रहता है. इसलिए नहीं कि उसमें मेरी रचना छपी थी.…
वतन ऐसे रहेगा कब तलक आबाद मौलाना
दिलीप कुमार के पेशावर को याद रखने का एक दूसरा दर्दनाक सिलसिला बन गया. दोनों मुल्कों के इतिहास का सबसे…



