रणदीप और नंदना की अधिक रवि वर्मा की कम बनी ‘रंगरसिया’

100 करोड़ के टारगेट की वजह से आजकल ऐसी फ़िल्में कम आ पाती हैं जिनमें कंटेंट के स्तर पर कुछ…

क्या है जर्मन-संस्कृत विवाद?

केन्द्रीय सेवाओं में हिंदी के उचित महत्व के मुद्दे पर प्रेमपाल शर्मा के तर्कों के हम सब कायल रहे हैं.…

मनीषा पांडे की पांच कविताएं

कहते हैं कविता अभिव्यक्ति का विशुद्ध रूप होता है- भावना और बुद्धि के सबसे करीब. मनीषा पांडे की कविताओं को…

कुमार विश्वास क्यों मेरे दिल के बहुत करीब है?

मैं हिंदी का कैसा लेखक हूँ यह आप जानें. मुझे अपने लेखन को लेकर कोई मुगालता नहीं है. लेकिन ‘पाखी’…

राजकमल चौधरी का पत्र दूधनाथ सिंह के नाम

लेखकों के पत्रों से कई बार उनके व्यक्तित्व का, उनके लेखन-सूत्रों का पता चलता है. यह एक ऐतिहासिक पत्र है…

क्षितिज रॉय की कहानी ‘लड़का, लड़की और तीव्र मुद्रिका’

इधर क्षितिज राय की कहानियों की शैली ने मुझे बहुत प्रभावित किया है. नीलेश मिश्रा की मंडली के लेखक रहे…

कला, स्त्री, नैतिकता, धर्म और ‘रंगरसिया’

‘रंगरसिया’ फिल्म रिलीज होने के बहुत पहले से चर्चाओं में रही है, उत्सुकताओं के केंद्र में रही है. आखिर रवि…

ओमा शर्मा की ‘अदब से मुठभेड़’

आज लेखक ओमा शर्मा की पुस्तक ‘अदब से मुठभेड़’ का लोकार्पण है. हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित इस पुस्तक में  राजेन्द्र…

शोक, पीड़ा, और कर्त्तव्य: विश्व सिनेमा में करुण रस की फिल्में (भाग- १)

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर की इस लेखमाला की मैं फिर याद दिलाना चाहता हूँ जिसमें वे विश्व सिनेमा पर लिख…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी