आजकल शादियों का मौसम चल रहा है. कल बहुत अच्छा व्यंग्य मैंने बारातियों पर पढ़ा था. प्रसिद्ध व्यंग्यकार राजेंद्र धोड़पकर…
मुस्कुराइए कि आपके आ गए दिन अच्छे
नीलिमा चौहान को हम सब भाषा आन्दोलन की एक मुखर आवाज के रूप में जानते-पहचानते रहे हैं. लेकिन उनके अंदर…
हिमालय न देखा हो तो ‘दर्रा दर्रा हिमालय’ पढ़ लीजिए
‘दर्रा दर्रा हिमालय’ ऐसी किताब नहीं है जिसमें हिमालय की गोद में बसे हिल स्टेशनों की कहानी हो, जिसे पढ़ते…
जेड प्लस इंटेलेक्चुअल फिल्म नहीं, इंटेलिजेंट फिल्म है!
यह शाम की रिव्यू है. जो सुबह से थोड़ी अलग है और कुछ कुछ उस जैसी भी है. जेड प्लस…
महाकरोड़ फिल्मों की बोरियत से निकलना है तो देखिए ‘जेड प्लस’
एक के बाद एक आती महाकरोड़ फ़िल्में मनोरंजन कम बोर अधिक करती हैं. ऐसे में ताजा हवा के झोंके की…
शीन काफ निजाम की ग़ज़लें
लोकमत समाचार के वार्षिक आयोजन ‘दीप भव’ में वैसे तो सभी रचनाएँ अपने आप में ख़ास हैं. लेकिन पहले शीन…
सिनेमा में करुण रस क्या होता है?
युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर इन दिनों रस सिद्धांत के आधार पर विश्व सिनेमा के अध्ययन में लगे हैं. उनका यह…
प्रताप सोमवंशी की चार कविताएं
प्रताप सोमवंशी को हम सजग वरिष्ठ पत्रकार के रूप में अच्छी तरह जानते हैं. वे एक संवेदनशील कवि भी हैं.…
मुम्बई, 26/11 और एक किताब ‘हेडली और मैं’
आज 26 नवम्बर है. 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद से 26/11 को स्याह दिन की तरह…
डीयू का बिहार कनेक्शन और अंग्रेजी उपन्यास
लोकप्रिय अंग्रेजी उपन्यासों का यह साल दिल्ली विश्वविद्यालय के नाम रहा. दिल्ली विश्वविद्यालय का बिहार कनेक्शन इस साल अंग्रेजी के…



