श्रीकांत दुबे कई विधाओं में लिखते हैं. उनको मैं अच्छे कथाकार के रूप में जानता रहा हूँ. इन कविताओं को…
दुष्यंत की नई कहानी ‘प्रिंसिपल की डायरी’
दुष्यंत मूलतः कथाकार हैं. उनके कहानी संग्रह ‘जुलाई की एक रात’ से हम सब परिचित है. 2013 में पेंगुइन ने…
‘समन्वय’ की शुरुआत पर कुछ बातें पॉपुलर पॉपुलर!
आज से इण्डिया हैबिटेट सेंटर के भारतीय भाषा फेस्टिवल ‘समन्वय’ के चौथे सत्र का शुभारम्भ हो रहा है. इस बार…
‘जेड प्लस’ के लेखक रामकुमार सिंह से एक बातचीत
21 नवम्बर की ‘चाणक्य’ और ‘पिंजर’ फेम निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘जेड प्लस’ रिलीज हो रही है. यह फिल्म…
रश्मिरेखा की कविताएं
रश्मिरेखा जी के निधन के समाचार से स्तब्ध हूँ। जिन दिनों मैं कोठागोई लिख रहा था उनसे ख़ूब बातें होती…
रॉबिन शॉ पुष्प के साथ एक युग का अवसान हो गया!
कल हिंदी के वरिष्ठ लेखक रॉबिन शॉ पुष्प का निधन हो गया. आजीवन मसिजीवी रहे इस लेखक ने बिहार की कई…
खतरनाक सच का सामना है ‘एक भाई का क़त्ल’
‘एक भाई का क़त्ल’शीर्षक से ही लगता है खूनखराबे वाला उपन्यास होगा, जिसमें रहस्य-रोमांच की गुत्थियाँ होंगी. लेकिन तुर्की के…
महाकरोड़ क्लब की फिल्मों की कंटेट पर चर्चा करना बेमानी है!
शाहरुख़ खान की फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ सैकड़ों करोड़ कमाकर सुपर डुपर हिट हो चुकी है. ऐसे में उस फिल्म…
स्याह दौलत(काला धन) और उम्मीद के अनुलोम-विलोम
लोकसभा चुनावों से पहले काला धन वापस लाने का ऐसा शोर था कि कई लोग तो सपने देखने लगे कि…
कविता भाषा में अपने होने की जद्दोजहद की पहचान है!
सविता सिंह की कविताओं का हिंदी में अपना अलग मुकाम है. उनकी कविताओं में गहरी बौद्धिकता को अलग से लक्षित…



