महाभूत चन्दन राय की कविताएं

इधर महाभूत चन्दन राय की कवितायेँ पढ़ी. पेशे से इंजीनियर चन्दन की कविताओं में समकालीनता का दबाव तो बहुत दिखता…

जिसे दुनिया मनमोहन देसाई कहती थी!

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में ड्रामा से अधिक मेलोड्रामा का तत्त्व हावी रहा, मेलोड्रामा बढ़ते ही मनमोहन देसाई की…

पड़ोसी की इमारत और कल्लन ख़ालू का दुख

सदफ नाज़ के व्यंग्य की अपनी ख़ास शैली है. व्यंग्य चाहे सियासी हो, चाहे इस तरह का सामाजिक- उनकी भाषा,…

इस्लाम की पश्चिमी छवि और ‘दफ्न होती जिंदगी’

जिस अखबार, जिस मैगजीन को उठाइए उसमें कुछ चुनिन्दा प्रकाशकों की किताबों के बारे में ही चर्चा होती है। एक…

सारा आकाश पड़ गया छोटा, इतना ऊंचा था कभी सर अपना

कभी कभी सोचता हूँ हिंदी की मुख्यधारा से सार्थक लेखन करने वाले बहुत सारे लेखक कैसे काट दिए जाते हैं.…

विजयदान देथा के आखिरी दिन और ‘बोरुंदा डायरी’

बोरुंदा क़स्बा है या गाँव, उसकी पहचान विजयदान देथा से थी. हिंदी-राजस्थानी के लेखक मालचंद तिवाड़ी विजयदान देथा के आखिरी…

सवालों के घेरे में ‘दलाल की बीवी’ के लेखक रवि बुले

रवि बुले के लेखन को मैं गंभीरता से लेता रहा हूँ. हँसते हँसते रुला देने वाली कहानियों का लेखक. पॉपुलर…

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