दबाव आप पर तब नहीं, अब आया हैOctober 5, 20131 mins0\’लमही सम्मान\’ के सम्बन्ध में सम्मान के संयोजक और \’लमही\’ पत्रिका के संपादक विजय राय द्वारा यह… prabhatcontinue Reading..
दबाव आप पर तब नहीं, अब आया हैOctober 5, 20131 mins13‘लमही सम्मान’ के सम्बन्ध में सम्मान के संयोजक और ‘लमही’ पत्रिका के संपादक विजय राय द्वारा यह…ब्लॉग continue Reading..
यह समय हमारी कल्पनाओं से परे हैOctober 5, 20131 mins7‘देर आयद दुरुस्त आयद’- यह मुहावरा अंजू शर्मा के सन्दर्भ में सही प्रतीत हो है. उन्होंने कविताएँ…ब्लॉग continue Reading..
मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘मौसमों के मकान सूने हैं’October 1, 20131 mins10मनीषा कुलश्रेष्ठ हमारी भाषा की एक ऐसी लेखिका हैं जिनको पाठकों और आलोचकों की प्रशंसा समान रूप…ब्लॉग continue Reading..
संवाद और संवेदना की रेसिपी और लंचबॉक्सSeptember 30, 2013August 4, 20251 mins25 यह सिर्फ ‘लंचबॉक्स‘ फिल्म की समीक्षा नहीं है. उसके बहाने समकालीन मनुष्य के एकांत को समझने…Blog prabhatcontinue Reading..
शैलप्रिया की कविताएँSeptember 29, 20131 mins5आज शैलप्रिया जी की कविताएँ प्रियदर्शन की भूमिका के साथ- जानकी पुल. ================================================== 18 साल पहले मां… continue Reading..