शायक आलोक की कविताएंApril 26, 20131 mins0शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद… prabhatcontinue Reading..
शायक आलोक की कविताएंApril 26, 20131 mins30शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद…ब्लॉग continue Reading..
कवि-लेखक टेलर मास्टर नहीं होतेApril 21, 20131 mins5वरिष्ठ कवि-आलोचक विष्णु खरे की कोई टिप्पणी बहुत दिनों बाद पढ़ने को मिली. यह लेख उन्होंने ‘फॉर… continue Reading..
मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?April 20, 20131 mins0आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते… prabhatcontinue Reading..
मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?April 20, 20131 mins9आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते…ब्लॉग continue Reading..
क्या आलोचना अपने संतुलन का विवेक खो रही है?April 17, 20131 mins10युवा लेखक-आलोचक राकेश बिहारी ने हिंदी आलोचना की ‘आलोचना’ की है. आप उनसे सहमत हो सकते हैं… continue Reading..
आगबबूला और झागबबूलाApril 15, 20131 mins174विनोद खेतान की किताब ‘उम्र से लंबी सड़कों पर’ की समीक्षा कुछ दिनों पहले प्रियदर्शन ने लिखी… continue Reading..
नामवर सिंह की कविताएँApril 14, 20131 mins0हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ… prabhatcontinue Reading..
नामवर सिंह की कविताएँApril 14, 20131 mins37हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है ‘प्रारंभिक रचनाएं’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ…ब्लॉग continue Reading..
दिल ये कहता है कोई याद शहर बाक़ी हैApril 12, 20131 mins6युवा लेखक त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने नीलेश मिश्रा के ‘याद शहर’ की एक अच्छी समीक्षा लिखी है.… continue Reading..