महेश वर्मा की ताजा कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. हिंदी के इस शानदार कवि की कविताओं से अपनी तो संवेदना का तार…
पुकारु नाम बचपन की बारिश का पानी है
महेश वर्मा की ताजा कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. हिंदी के इस शानदार कवि की कविताओं से अपनी तो संवेदना का तार…
पुकारु नाम बचपन की बारिश का पानी है
महेश वर्मा की ताजा कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. हिंदी के इस शानदार कवि की कविताओं से अपनी तो संवेदना का तार…
आप कैसी कहानियां लिखते हैं?
ओमा शर्मा ऐसे लेखकों में हैं जिनके लिए लिखना जीवन-जगत के गहरे सवालों से दो-चार होना है. इस लेख में…
वे हर बात का जवाब देते थे, सबको जवाब देते थे
जिन दिनों सीतामढ़ी में इंटर का विद्यार्थी था तो अपने मित्र श्रीप्रकाश की सलाह पर मैंने एक पत्र राजेंद्र यादव…
‘समन्वय’ अब अगले बरस का इंतज़ार है!
शाम को पार्थो दत्ता सर ने फोन किया. पूछा- उस लेखक का क्या नाम है जिसके बारे में तुमने कहा…
‘समन्वय’ में भोजपुरी और प्रकाश उदय
आज से इण्डिया हैबिटेट सेंटर का भारतीय भाषा महोत्सव ‘समन्वय’ शुरू हो रहा है. इसमें इस बार भोजपुरी के दुर्लभ…
स्त्री विमर्श सबसे ज़्यादा गलत समझा जाने वाला शब्द है
पिछले कुछ महीनों में ‘बिंदिया’ पत्रिका ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से ध्यान खींचा है. जैसे कि नवम्बर अंक में प्रकाशित परिचर्चा जो…



