थोड़ा पैसा आ जाने दो फ्रेम नया हम मढ़ लेंगे

अविनाश की पहली पहचान कवि के रूप में ही रही है. वे प्रयोगधर्मी हैं. हमेशा कुछ नया-नया करते रहते हैं.…

स्त्री को इस समाज से एक लेखक बतौर सम्मान और पहचान चाहिए

कुछ अर्सा पहले मैत्रेयी पुष्प जी ने युवा लेखिकाओं के ऊपर एक टिप्पणी जनसत्ता में की थी। उसकी आग अभी…

मृत्यु तो जीवन का शृंगार है

विजयदान देथा के निधन पर कई अखबारों में लेख, सम्पादकीय आये. आज सुबह दो अखबारों में सम्पादकीय पढ़ा- \’दैनिक हिन्दुस्तान\’…

मृत्यु तो जीवन का शृंगार है

विजयदान देथा के निधन पर कई अखबारों में लेख, सम्पादकीय आये. आज सुबह दो अखबारों में सम्पादकीय पढ़ा- \’दैनिक हिन्दुस्तान\’…

मृत्यु तो जीवन का शृंगार है

विजयदान देथा के निधन पर कई अखबारों में लेख, सम्पादकीय आये. आज सुबह दो अखबारों में सम्पादकीय पढ़ा- ‘दैनिक हिन्दुस्तान’…

जयश्री रॉय की कहानी ‘रेत के फूल’

हाल के वर्षों में जिन लेखिकाओं की कहानियों ने ध्यान खींचा है उनमें जयश्री रॉय का नाम प्रमुखता से लिया…

पुकारु नाम बचपन की बारिश का पानी है

महेश वर्मा की ताजा कविताएँ यहाँ प्रस्तुत हैं. हिंदी के इस शानदार कवि की कविताओं से अपनी तो संवेदना का तार…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी