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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’

April 11, 20131 mins0
महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
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    फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’

    April 11, 2013August 5, 20251 mins8
    महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
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    महादेवी वर्मा के शब्द और चित्र

    April 10, 20131 mins6
    महादेवी वर्मा की काव्य-पुस्तक ‘दीपशिखा’ १९४२ में छपी थी. उसका ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इसकी कविताएँ महादेवी…
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      निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकल

      April 7, 20131 mins0
      निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है…
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        निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकल

        April 7, 20131 mins12
        निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है…
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        यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती है

        April 4, 20131 mins0
        प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद…
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          यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती है

          April 4, 20131 mins12
          प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद…
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          इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

          April 3, 20131 mins0
          हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
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            इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

            April 3, 2013August 13, 20251 mins1016
            हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
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            जिसने औपनिवेशिक भाषा को औपनिवेशिक अहंकार से मुक्त करवाया

            April 1, 20131 mins0
            महान लेखक चिनुआ अचीबे को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख मैंने यह लेख लिखा था, जो कल…
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